भारत के विकल्पों पर 8 विशेषज्ञ

भारत प्रशासित कश्मीर के उड़ी सेक्टर में सेना के कैंप पर हुए चरमपंथी हमले के बाद भारत समेत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिक्रियाएं आ रही है. इस चरमपंथी हमले में 18 सैनिक और चार संदिग्ध चरमपंथी मारे गए थे.

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Image caption भारत प्रशासित कश्मीर के उड़ी में हुए हमले में 17 सैनिक मारे गए थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले को कायरतापूर्ण कार्रवाई बताते हुए ट्वीट किया था कि इस हमले के पीछे जो लोग हैं उन्हें सज़ा जरूर मिलेगी.

इस हमले के बाद इस बात को लेकर बहस तेज़ हो गई है कि भारत के पास क्या-क्या विकल्प हैं. पढ़िए रक्षा और सामरिक मामलों के कुछ विशेषज्ञों की राय-

राहुल बेदी, रक्षा विशेषज्ञ

''सेना इस हालिया हमले का जवाब देने के लिए आतुर है. इससे परमाणु हथियारों से लैस दोनों पड़ोसियों के बीच तनाव बढ़ जाएगा.''

अजय शुक्ला, रक्षा विशेषज्ञ

''मोदी सरकार ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पुरज़ोर तरीक़े से बात तो कही है, पर उसे जवाब देने के लिए सैनिक ताक़त हासिल करने की दिशा में ज़्यादा कुछ नहीं किया है."

प्रताप भानु मेहता, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च

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Image caption भारत प्रशासित कश्मीर के उड़ी में तैनात सेना का जवान

"रणनीतिक संयम की नीति से भारत को फ़ायदा हुआ है. इस हमले से पाकिस्तान कठघरे में होगा और संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर पर उसने जो दबाव बनाया था उसकी हवा निकल गई है."

ब्रह्मा चेलानी, रणनीतिक मामलों के एक्सपर्ट

"भारत को चाहिए कि वह पाकिस्तान के ख़िलाफ़ आर्थिक प्रतिबंध लगाने और उसे आतंक को बढ़ावा देने वाला देश घोषित करवाने के लिए लॉबिइंग करे.

क्रिस्टीन फेयर, साउथ एशिया एक्सपर्ट

"संयुक्त राष्ट्र में बलोचिस्तान का मुद्दा उठाने से भारत को कोई फ़ायदा नहीं होगा क्योंकि इससे लगेगा कि भारत क्षेत्र के आपसी झगड़े में लगा हुआ है. भारत को अपना ध्यान कश्मीर पर केंद्रित करना चाहिए, बलोचिस्तान पर नहीं."

स्टीफ़न कोहेन, साउथ एशिया एक्सपर्ट

"भारत-पाकिस्तान कलह दुनिया के उन विवादों में एक है, जिनका निपटारा नहीं हो सकता है. हो सकता है कि कभी ख़त्म ही न हो. यह ऐसा विवाद है जो पाकिस्तान जीत नहीं सकता और भारत हार नहीं सकता."

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Image caption उड़ी में हुए हमले में चार संदिग्ध चरमपंथी भी मारे गए थे.

मारुफ़ रज़ा, रक्षा विशेषज्ञ

"भारत और पाकितान के परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र होने के बावजूद, करगिल युद्ध हुआ था. परमाणु हथियार रहते हुए भी पूरी लड़ाई लड़े बिना, छोटी-मोटी फ़ौजी कार्रवाइयां की जा सकती हैं और पाकिस्तान को जवाब दिया जा सकता है'.

कपिल काक, रिटायर्ड एयर वाइस मार्शल

भारत प्रशासित कश्मीर के उड़ी में हुए चरमपंथी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ से सख्त बयान आएंगे, लेकिन फिलहाल दोनों देशों के बीच युद्ध की कोई संभावना नहीं है.

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