बुराड़ी हत्या: करुणा की मां को चाहिए बदला

  • 22 सितंबर 2016
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क्या थी करुणा और सुरेंद्र की कहानी?

राजधानी दिल्ली के बुराड़ी इलाक़े में 21 साल की छात्रा करुणा की हत्या के बाद उनके घर पर मातम का माहौल है और मां रामबेटी प्रजापति की आंखें रो-रो कर पथरा चुकी हैं.

उनका कहना है कि करुणा और सुरेंद्र सिंह मलिक उर्फ़ आदित्य केवल दोस्त थे पर एक साल से वो उनकी बेटी पर शादी के लिए दबाव डाल रहा था.

करुणा की हत्या के आरोप में सुरेंद्र सिंह को गिरफ़्तार कर चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

पर बीबीसी से बातचीत में रामबेटी ने कहा, "मैं चाहती हूं कि जैसा उसने मेरी बेटी के साथ किया वैसा ही हम उसके साथ करें, उसे हमारे हवाले कर दिया जाए."

Image caption करुणा की मां बताती हैं वो नर्स बनना चाहती थी.

मंगलवार को सामने आए सीसीटीवी फुटेज में ये देखा जा सकता है कि 34 साल के सुरेंद्र सिंह ने 21 साल की करुणा पर चाक़ू से 20 से ज़्यादा बार वार किया.

करुणा की मौक़े पर ही मौत हो गई थी. ये घटना सुबह क़रीब 8.30 बजे हुई जब करुणा पढ़ाने के लिए स्कूल जा रही थी.

करुणा ख़ुद अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं और जेब ख़र्च के लिए स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था.

रामबेटी ने कहा, ''सुरेंद्र ने मेरी बेटी के साथ मारपीट भी की थी. हमने पुलिस से शिकायत भी की थी. हमने पुलिस से शिकायत में कहा था कि सुरेंद्र हमारी लड़की का पीछा करता है लेकिन पुलिस ने हमारी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की.''

Image caption रामबेटी प्रजापति का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की.

लेकिन इलाक़े के डीसीपी मधुर वर्मा ने आरोप को ग़लत बताते हुए कहा, "हमने करुणा के घर कांस्टेबल भेज कर पूरा बयान तक लिया था पर उन्होंने ही हमें कहा कि समझौता हो गया है और वो केस बंद करना चाहते हैं."

बुराड़ी में करुणा के पिता की दुकान थी जिसके बग़ल में ही सुरेंद्र सिंह मलिक की भी दुकान थी. सुरेंद्र का घर में आना जाना था और परिवार के साथ दोस्ताना रिश्ते थे.

उसने पांच साल तक अपनी दुकान चलाई और दो साल पहले इलाक़ा छोड़ दिया. सुरेंद्र सिंह शादीशुदा था और उसके दो बच्चे भी हैं.

करुणा के परिवार के मुताबिक़ इसी दौरान सुरेंद्र सिंह ने करुणा पर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया.

Image caption सुरेंद्र सिंह के पिता प्रेम सिंह मलिक का घर

करुणा के पिता नरेश प्रजापति का कहना था कि वो दो बार पुलिस के पास गए, जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वो पांच महीने पहले सुरेंद्र सिंह के घर उसके पिता प्रेम सिंह मलिक से बातचीत करने गए.

उनका कहना था कि सुरेंद्र के पिता ने उन्हें ये आश्वासन दिया था कि उनका बेटा अब हमारी बेटी को आगे से परेशान नहीं करेगा जिसके बाद उन्होंने पुलिस में दी अपनी शिकायत वापस ले ली.

बीबीसी जब सुरेंद्र के पिता के घर पहुंची तो प्रेम सिंह मलिक ने अपनी तस्वीर खींची जाने से इंकार करते हुए कहा कि "वो शर्मसार हैं पर दावा किया कि उनका बेटा तो कॉकरोच तक नहीं मार सकता."

अपनी सफ़ाई में उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने बेटे से मतभेद के कारण उसे आठ साल पहले ही घर से निकाल दिया था.

Image caption बुराड़ी में करुणा के घर मातम का माहौल है.

प्रेम सिंह मलिक का कहना था, "करुणा के परिवारवाले आए थे और मैंने उन्हें आश्वासन भी दिया था कि मेरा बेटा संयम में रहेगा पर मेरे बेटे ने कहा था कि पीड़ित परिवार ने ये आरोप इसलिए लगाए हैं क्योंकि उन्होंने पैसा लिया था."

करुणा के पिता नरेश प्रजापति ने ये बात मानी कि उन्होंने 20,000 रुपए सुरेंद्र से लिए थे लेकिन उन्होंने दावा किया वो पूरे पैसे लौटा चुके थे.

इस सारे विवाद से दूर उनकी पत्नी और आस-पड़ोस के लोगों में बेहद ग़ुस्सा था.

Image caption करुणा की मां से मिलने दिल्ली महिलाआयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल पहुंची

पीड़ित परिवारवालों से मिलने बुराड़ी पहुंची दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल को लोगों के ग़ुस्से का सामना करना पड़ा.

बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, "जब पीछा करने की शुरुआती शिकायतें आती हैं पुलिस को तभी उन्हें गंभीरता से लेना चाहिए, हम दिल्ली पुलिस को नोटिस भेज उनसे इस मामले में सफाई मांगेगे."

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