'कंकाल न फेंकने पर दलित औरत की पिटाई'

  • 25 सितंबर 2016
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'इंडियन एक्सप्रेस' में छपी ख़बर के अनुसार गुजरात के बनासकांठा जिले के एक गांव में मरी हुई गाय का कंकाल दूर फेंकने से मना करने पर, एक गर्भवती दलित महिला और उसके परिवार को लोगों ने पीटा है.

ख़बर में स्थानीय पुलिस के हवाले से बताया गया है कि दलित परिवार को शुक्रवार की रात गाय का कंकाल दूर फेंकने के लिए कहा गया था. लेकिन परिवार के सदस्यों ने कहा कि ये काम वो अगले दिन सुबह करेंगे. इसके बाद बात बढ़ गई और कथित तौर पर मारपीट हुई.

पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि इनके ख़िलाफ़ अन्य धाराओं के अलावा अनुसूचित जाति- जन जाति (अत्याचार की रोकथाम) क़ानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.

अख़बार में छपी एक अन्य ख़बर के अनुसार महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा है कि जांच में ल-ओरियल के 5 उत्पादों में सीसा पाया गया है.

जिन उत्पादों में सीसा पाया गया है वो अप्रैल के महीने में बने थे.

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'हिंदुस्तान टाइम्स' की एक ख़बर के अनुसार खुले में शौच करने के मामले में पिटाई और बिजली के झटके दिए जाने के बाद एक युवक ने इलाज के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.

युवक के पिता का कहना है कि इस साल जुलाई में 15 साल का उनका बेटा घर लौट रहा था जब उसे पेट में टर्ट हुआ.

वो एक शोरूम के पीछे शौच करने गया जहां शोरूम मालिक और उनके कुछ साथियों ने उसके साथ मारपीट की, बिजली के झटके दिए और बेहोश हालत में पास के बस स्टैंड पर छोड़ दिया.

युवक के पिता का आरोप है कि इस घटना में उनके बेटे ने अपने हाथ की तीन उंगलियां खो दी हैं.

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'पायोनियर' में छपी एक ख़बर के अनुसार समाजवादी पार्टी ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को चुनौती दी है कि उड़ी हमले का बदला लेने के लिए वो अपने सुइसाइड बॉम्बर यानी आत्मघाती हमलावर पाकिस्तान भेजें.

राज्य में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबु असीम आज़मी ने कहा कि पाकिस्तान के कलाकारों को धमकी देने की बजाय राज ठाकरे हिम्मत दिखाएं और आत्मघाती हमलावर पाकिस्तान भेजें.

ख़बर के मुताबिक उन्होंने ये भी कहा है कि अगर वो ऐसा नहीं कर पाते हैं तो गढ़चिरौली और चंद्रपुर में माओवादियों का मुकाबला करने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को भेजें.

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'दैनिक भास्कर' में छपी एक ख़बर के अऩुसार मध्यप्रदेश के कोलारस के एक गांव में प्रियंका नाम की एक महिला ने अपना ससुराल यह कहते हुए छोड़ दिया कि जब तक शोचालय नहीं बनता वो वहां नहीं रहेंगी.

बीस साल की प्रियंका का कहना है कि उन्होंने ससुराल वालों से शौचालय बनवाने के लिए कहा और न बनवाने पर गांव घर छोड़ मायके आ गईं.

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'दैनिक जागरण' में प्रकाशित एक ख़बर के अनुसार रेलवे स्टेशन गंदा करने या रेल की पटरी पर कूड़ा फेंकने पर अब 500 रूपये से ले कर 5000 रूपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है.

इस बाबत उत्तर रेलवे ने सभी रेलवे स्टेशन अधीक्षकों को पत्र लिखा है और यह चेतावनी नोटिस बोर्ड पर भी लगाने के लिए कहा है.

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