पैलेट गन की मार के बाद रोशनी बनकर आई नैना

  • 27 सितंबर 2016
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Image caption भारत प्रशासित कश्मीर में पैलेट गन से घायल दाउद रियाज़ ख़ान

'बुलेट और पैलेट की वजह से न किसी का प्यार चेंज हो सकता है न इनकी वजह से कश्मीर में क्रांति आ सकती है.'

भारत प्रशासित कश्मीर की मेहरिना तारिख़ उर्फ़ नैना बेबाकी के साथ अपनी बात रखती हैं. उनके जज़्बे के आगे उनके माता-पिता ने घुटने टेक दिेए हैं.

'उसकी मर्ज़ी के आगे हमारी नहीं चलती. वह जो चाहती है, वही होगा.', मेहरीना की मां तहसीना कहती हैं.

नैना अपने प्यार दाउद रियाज़ ख़ान से निकाह करना चाहती हैं पर ज़िंदगी ने उन्हें दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है. दाउद की आंख के तीन ऑपरेशन हो चुके हैं पर रोशनी लौटने की उम्मीद बहुत कम है और नैना इस अंधेरे के पार रोशनी की तलाश में हैं.

25 अगस्त को नैना और दाउद की सगाई थी. 21 तारीख़ को दाउद किसी की शादी से लौट रहे थे.

दाउद का आरोप है, "मुझे सुरक्षाकर्मियों ने मुझे रोका. उस वक़्त कर्फ़्यू उठने का टाइम था. क़रीब सवा छह बजे थे. अचानक सीआरपीएफ़ और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान आए और उन्होंने मुझ पर पैलेट गन दाग दी. मैं वहीं गिर गया."

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Image caption घायल होने से पहले की दाउद की तस्वीर.

श्रीनगर की बुलेवार रोड के शोरी मोहल्ले की रहने वाली 21 साल की नैना का फ़ैसला है कि वह दाउद का साथ नहीं छोड़ेंगी.

'मैं स्ट्रॉन्ग हूँ और दाउद मुझसे भी ज़्यादा हिम्मतवाले हैं. अब हम दोनों को हिम्मत जुटाकर आगे बढ़ना है और एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ना है.'

दाउद बताते हैं, "अपने हर काम के लिए मुझे छोटे भाई की मदद लेनी पड़ती है. हर तरफ बस अंधेरा ही नज़र आता है."

लेकिन नैना अपनी बात पर अड़ी हैं. वो कहती हैं, "कश्मीर में रहकर और यहां के हालात देखकर मेरा दिल बहुत स्ट्रॉन्ग हो गया है. आय विल स्टिल मैरी हिम."

सगाई की तैयारियां फिर से शुरू हो गई हैं. दाउद के छोटे भाई आसिफ़ रियाज़ ख़ान के मुताबिक़ उनके पूरे परिवार को किसी करिश्मे का इंतज़ार है.

"भाई को बांयी आंख से कुछ नहीं दिखता और दाहिनी में भी रोशनी लौटने का चांस केवल 20 फ़ीसदी है. अब तो अल्लाह से दुआ है कि हमारे भाई को ठीक कर दे. इंशाअल्लाह वह ठीक हो जाएंगे, इंशाअल्लाह." यह कहते-कहते भाई के लिए उनके हाथ दुआ में उठ जाते हैं.

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Image caption भारत प्रशासित कश्मीर में पैलेट गन से घायल लोग अपना इलाज़ कराते हुए, ये फ़ाइल तस्वीर है.

दोनों घरों में ग़म का माहौल है. नैना की बहन फ़िरदौस मोहसिना ने तब सगाई के लिए ख़ास कपड़े सिलवाए थे पर अब सब ठंडा है. 'इन हालात की वजह से हम मेंटल ट्रॉमा और डिप्रेशन में जी रहे हैं. सबने बहन की ख़ुशी के लिए ख़्वाब देखे थे लेकिन अब सब लोग बेहद दुखी हैं.'

किस्मत ने बेशक दाउद से उनके नैन छीनने का फ़ैसला किया है पर उनके लिए रोशनी बनकर आई हैं नैना.

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