आत्मसमर्पण के बाद शहाबुद्दीन फिर जेल में

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सीवान की अदालत में आत्मसमर्पण के बाद जनता दल के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को दोबारा जेल भेज दिया गया है.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन की ज़मानत ख़ारिज कर दी थी. शहाबुद्दीन को पटना हाईकोर्ट से हत्या के एक मामले में ज़मानत मिली थी.

आत्मसमर्पण से पहले शहाबुद्दीन ने संवाददाताओं से कहा, ''मैं न्यायपालिका का सम्मान करता हूं. मुझे परवाह नहीं लोग क्या कहते हैं.''

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में शहाबुद्दीन ने कहा, ''मैंने जो कहा था, उस पर कायम हूं. मेरे समर्थक अगले चुनाव में बता देंगे.''

ज़मानत पर रिहा होने के बाद शहाबुद्दीन ने लालू को अपना नेता बताया था और कहा था कि नीतीश कुमार परिस्थितियों की वजह से मुख्यमंत्री बने थे.

सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन से आत्मसमर्पण करने के लिए कहा था. कोर्ट ने बिहार सरकार को शहाबुद्दीन को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के आदेश भी दिए थे.

शहाबुद्दीन के खिलाफ़ चंदा बाबू के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से यह भी कहा है कि राजीव रोशन के केस को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आत्मसमर्पण के बाद शहाबुद्दीन को डिवीज़नल जेल भेज दिया गया है.