जेल में मना साबरमती के संत का जन्म दिन

  • प्रशांत दयाल
  • अहमदाबाद से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
गांधी चित्र कथा
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साबरमती जेल में गांधी चित्र कथा का विमोचन

गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती सेंट्रल जेल के क़ैदियों ने महात्मा गांधी का जन्म दिन मनाया.

नवजीवन ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में गांधी चित्र कथा और कस्तूरबा के जीवन पर आधारित पुस्तकों का विमोचन किया गया.

महात्मा गांधी ने नवजीवन ट्रस्ट की स्थापना की थी.

साबरमती जेल के अधीक्षक सुनील जोशी ने बीबीसी से कहा कि गांधी और साबमती जेल का पुराना नाता रहा है.

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गांधी के प्रिय भजनों के संकलन का विमोचन

साल 2009 तक पूरे गांधी साहित्य का कॉपीराईट नवजीवन ट्रस्ट के पास था,

नवजीवन के मैनेंजिंग ट्रस्टी विवेक देसाई ने बीबीसी से कहा, "सामान्य तौर पर गांधीजी से जुड़ी पुस्तकों का विमोचन हम गांधी विचारधारा में मानने वाली व्यक्ति से करवाते हे. पर हमने सोचा कि इस बार हम इस काम के लिए साबरमती जेल के क़ैदियों को चुनेंगे, क्योंकि गांधी ने अपना समय यहां बिताया था."

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गांधी जयंति पर भजन

एक महिला क़ैदी के हाथों गांधी के प्रिय भजनों के संकलन का विमोचन करवाया गया.

सेन्ट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे क़ैदी नरेन्द्र सिंह राठौड ने बीबीसी से कहा कि बाहर की दुनिया से नाता टूटने को एक अरसा बीत गया, हम जेल में रोज ही बापू के भजन गाते हे. पहली बार हमने आम लोगों के सामने बापू के प्रिय भजन पेश किए.

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साबरमती जेल में गांधी जयंति

नवजीवन ट्रस्ट के कला निर्देशक अपूर्व आशर ने बीबीसी को बताया कि दो साल पहले ही यह विचार आया था कि अगर कोई बच्चा गांधी की आत्मकथा पढना नहीं चाहता हो तो किस तरह उसे रोचक बना कर पेश किया जाए. इस विचार के तहत ही गांधी चित्र कथा बनाया गया. यह चित्र कथा गुजराती और अंग्रेज़ी में है. इसे 17 भाषाओं में छापा जाएगा.

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