ट्रक ड्राइवरों के लिए ख़ास कंडोम

  • 11 अक्तूबर 2016

हाल ही में भारत में कंडोम का नया ब्रांड आया है- डिप्पर नाम से. यह ख़ास तौर पर ट्रक चालकों के लिए तैयार किया गया है.

इसका नाम भी भारतीय ट्रकों पर लिखी गई उस चेतावनी से लिया गया है, जिसे आपने भी देखा ही होगा- 'रात के समय में डिपर का प्रयोग करें.'

इस संदेश के अपने मायने भी हैं, इसके मुताबिक रात में ट्रक ड्राइवरों को लो बीम यानी कम रोशनी का इस्तेमाल करना चाहिए. हाई बीम का नहीं.

कंडोम बनाने वालों ने इस संदेश का इस्तेमाल सुरक्षित यौन संबंधों को बनाने के लिए कर लिया है.

भारत में करीब 60 लाख से ज्यादा ट्रक ड्राइवर हैं, जिनमें करीब तीन लाख एचआईवी पॉजिटिव हैं.

कंडोम काफी सस्ते भी हैं, दो रूपये में तीन कंडोम के पैकेट उपलब्ध हैं. पहले पंद्रह दिनों में करीब 45 हज़ार कंडोम बिक गए हैं.

इस कंडोम के बारे में एक ट्रक ड्राइवर ने बताया, "मेरे ख़्याल से ये कंडोम हर पेट्रोल पंप पर मुफ़्त में मिलना चाहिए. हमें नहीं मालूम होता है कि कब इसकी जरूरत पड़ जाए."

एक अन्य ट्रक ड्राइवर ने बताया, "'ट्रक ड्राइवर हमेशा जल्दी में होते हैं, प्राय: वो कंडोम का सही से इस्तेमाल नहीं करते हैं. इससे उनको तो ख़तरा होता ही है साथ में परिवार के लोग भी ख़तरे में आ जाते हैं."

एक दूसरे ट्रक ड्राइवर ने बताया, "हर कोई एचआईवी के बारे में जानता है- लेकिन कुछ कंडोम इस्तेमाल करते हैं और कुछ नहीं करते हैं."

वैसे डिप्पर कंडोम का प्रोजेक्ट टाटा मोटर्स और ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया की मदद से शुरू हुआ है.

ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया फाउंडेशन के प्रमुख डॉ. मुनीश चंदर कहते हैं, "नेशनल हाइवे पर होने की वजह से इन ट्रक ड्राइवरों को समुचित चिकित्सीय सुविधा नहीं मिल सकती. उनके एचआईवी संक्रमित होने की संभावना ज़्यादा होती है, क्योंकि वे महिला सेक्स वर्करों के संपर्क में आते रहते हैं. इसलिए हम देश भर में 25 ख़ास क्लिनिक स्थापित करने जा रहे हैं."

ऐसे में उम्मीद यही है कि यूज़ डिप्पर एट नाइट का इस्तेमाल करने वाले ट्रक ड्राइवर अपनी सुरक्षा का भी ख़्याल रखेंगे.

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