'हमें रोका न होता तो भगदड़ नहीं मचती'

eye witness of Varansi stampede

इमेज स्रोत, Roshan Jaisawal

वाराणसी में राजघाट पुल पर मची भगदड़ के लिए प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं.

इस भगदड़ में 24 लोगों की मौत हो गई जिसमें ज़्यादातर महिलाएं हैं.

बाबा जय गुरुदेव के धार्मिक समागम में शामिल होने आई प्रत्यक्षदर्शी शीला ने स्थानीय पत्रकार रौशन जायसवाल को बताया कि ये समागम शाकाहार के प्रचार के लिए था. समागम के बाद जब लोग लौट रहे थे तब पुल पर जाने से लोगों को रोक दिया गया.

शीला के मुताबिक,'' हम सब लोग जय गुरुदेव के सत्संग में आए थे, बनारस में शाकाहार का प्रचार करके लौट रहे थे. हम लोग पंडाल में वापस जा रहे थे. अचानक पुल पर प्रशासन ने रोक दिया था. दोनों तरफ़ से लोग जा नहीं पा रहे थे. इसी में भगदड़ मच गई. सब अपनी जान बचाने के लिए भाग रहे थे.''

शीला ने कहा कि भगदड़ के लिए प्रशासन ज़िम्मेदार है.

उन्होंने बताया, ''अगर हमें पुल पर नहीं रोका होता तो भगदड़ नहीं मची होती.''

इमेज स्रोत, AFP

बीबीसी संवाददाता वात्सल्य राय ने बाबा जय गुरुदेव आध्यात्मिक सत्संग महामानव संगम के प्रवक्ता डॉ राज बहादुर चौधरी से बात की.

डॉ चौधरी ने बताया,'' हमारे कार्यक्रम में शाकाहार, सदाचार और मद्य निषेध, जनजागरण पैदल शोभा यात्रा निकाली गई थी. धार्मिक नगरी होने के कारण काफ़ी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए थे. लोग कतार बद्ध हो कर निर्धारित रूट पर जा रहे थे. संख्या ज़्यादा होने के कारण गंगा नदी पर बने राजघाट पुल से लोगों को डायवर्ट कर दिया गया. जिधर से लोग जा रहे थे उसमें ट्रैफिक भी चल रहा था. डायवर्ट करने की वजह से भगदड़ मची.''

इमेज स्रोत, ANURAG TIWARI

इमेज कैप्शन,

राजघाट पुल पर भगदड़ हुई.

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
पॉडकास्ट
विवेचना

नई रिलीज़ हुई फ़िल्मों की समीक्षा करता साप्ताहिक कार्यक्रम

एपिसोड्स

समाप्त

उन्होंने हादसे के लिए कार्यक्रम के आयोजनकर्ताओं को कतई ज़िम्मेदार नहीं बताया.

प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम में जितने लोगों को आने की अनुमति दी गई थी उससे बहुत ज़्यादा लोग आ गए थे.

इस पर उन्होंने कहा, "वाराणसी एक धार्मिक नगर होने की वजह से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई. धार्मिक आयोजनों में लोगों की संख्या को लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता. अगर पड़ाव की तरफ़ से डाइवर्ट करते तो ये घटना नहीं होती.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)