पाक कलाकारों के साथ बनी फ़िल्मों पर लगेगा 'पाक टैक्स'

  • 23 अक्तूबर 2016
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अंग्रेज़ी के अख़बार 'हिंदुस्तान टाइम्स' के पहले पन्ने पर है करण जौहर की फ़िल्म 'ए दिल है मुश्किल' को ले कर ख़बर जो अगले सप्ताह रिलीज़ होने वाली है.

बॉलीवुड निर्माता इस बात पर राज़ी हो गए हैं कि अब वे भविष्य में पाकिस्तानी कलाकारों को ले कर काम नहीं करेंगे.

निर्माता इस बात पर भी राज़ी हो गए हैं कि पाकिस्तानी कलाकारों के ले कर बन रही फिल्मों को पेनेन्स यानि प्रायश्चित के तौर पर आर्मी वेलफेयर फंड में पांच करोड़ रूपये देने होंगे. इस राशि को अख़बार ने 'पाक टैक्स' कहा है.

अख़बार का कहना है कि शाहरुख ख़ान की आने वाली फ़िल्म 'रईस' और 'डियर ज़िंदगी' पर भी इसे लगाया जा सकता है.

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'द इंडियन एक्सप्रेस' ने इस ख़बर को 'फडनवीस सरेन्डर्स टू ठाकरे राज' (फडनवीस ने ठाकरे राज के सामने घुटने टेके) शीर्षक के साथ छापा है.

अख़बार का कहना है कि फ़िल्म की रिलीज़ को रोकने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई का वादा करने वाले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस दबाव में आ गए.

उड़ी हमले के बाद महाराष्ट्र नव निर्माण सेना ने कहा था कि वह फ़िल्म 'ए दिल है मुश्किल' को रिलीज़ नहीं होने देंगे. मनसे ने हिंदी फ़िल्मों में पाकिस्तानी कलाकारों को काम देने पर प्रतिबंध की मांग की थी.

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'हिंदुस्तान टाइम्स' में छपी एक अन्य ख़बर के मुताब़िक चीनी पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक, चावड़ी बाज़ार इलाकों में चीनी पटाखों की बिक्री हो रही है.

अख़बार के अनुसार पटाखे बेचने वाले एक फेरीवाले ने बताया कि बच्चे कुछ ख़ास तरह के पटाखों को पसंद कर रहे हैं और बाज़ार में इनकी ख़ूब मांग है.

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'द इंडियन एक्सप्रेस' में छपी एक और ख़बर के अनुसार ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) ने केंद्र से कहा है कि डॉक्टरों को सेवानिवृत किए जाने की उम्र को दो साल बढ़ा दिया जाए.

एम्स का कहना है कि फिलहाल वहां पर डॉक्टरों की यह उम्र 65 साल है, इसे बढ़ा कर 67 साल किया जाए.

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी डॉक्टरों की सेवानिवृति की उम्र को 65 साल किए जाने के संबंध में घोषणा की थी. अख़बार ने लिखा है कि अन्य सरकारी अस्पतालों के मुक़ाबले एम्स में यह उम्र हमेशा दो साल अधिक रही है.

'पायनियर' में छपी एक ख़बर के अनुसार भारतीय जीवन बीमा निगम यानि एलआईसी ने 6 सालों के दौरान 22 लाख ऐसे एजेंटो को हटा दिया जो लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रहे थे.

इतने बड़े पैमाने पर की गई एजेंटों का छंटनी के बाद प्रीमियम संग्रह और नई पॉलिसियों की बिक्री में 25 फ़ीसदी की गिरावट दर्ज हुई है.

अख़बार के कहना है कि एलआईसी का स्तंभ कहलाने वाले एजेंटों को हटाने से बाज़ार पर निगम की पकड़ भी कमज़ोर पड़ी है.

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'दैनिक जागरण' में छपे एक ख़बर का शीर्षक है 'काले धन पर भी सर्जिकल स्ट्राइक'. अख़बार लिखता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने बेनामी धन उजागर नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं.

वडोदरा में एक कार्यक्रम के दौरान मोदी ने कहा, "आईडीएस के अंतर्गत पैंसठ हज़ार करोड़ से अधिक का बेनामी धन बाहर निकलवाया. वह भी बग़ैर किसी सर्जिकल स्ट्राइक के. सोचिए अगर हम सर्जिकल स्ट्राइक करें तो और कितना धन बाहर बाहर निकल कर आएगा."

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