कश्मीर: विरोध प्रदर्शनों का कैलेंडर

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भारत प्रशासित कश्मीर में प्रशासन की तरफ़ से लगाए गए कर्फ़्यू के अलावा अलगावादी नेता भी लोगों से बंद और हड़तालों की अपील करते रहे हैं और इस बार तो वो हफ़्ते-हफ़्ते भर का कैलेंडर जारी कर रहे हैं.

मीडिया से जुड़े एक आदमी ने बीबीसी को बताया, "मेरे पास हर हफ़्ते हुर्रियत की ओर से हड़ताल और प्रदर्शनों का कैलेंडर ईमेल के ज़रिए आता है."

अलगाववादी बीते 8 जुलाई से जो कैलेंडर जारी कर रहे हैं, उसमें पूरे हफ़्ते के लिए प्रदर्शनों, हड़तालों और दूसरी चीजों के बारे में बताया जाता है.

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Image caption मसरत आलम बट, हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता

जानकार मानते हैं कि मसर्रत आलम ने 2010 में इसी तरह के कैलेंडर जारी किया करते थे.

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कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार और विश्लेषक शाह अब्बास कहते हैं, "2010 के आंदोलन में मसर्रत आलम ने जो नारे दिए थे और प्रदर्शन के कैलेंडरों का सिलसिला शुरू किया था, उस तरह के कैलेंडर हुर्रियत कॉन्फ्रेंस अब जारी कर रही है. यह कहा जा सकता है कि मसर्रत आलम ने प्रदर्शनों का जो मॉडल छह साल पहले शुरू किया था, अलगाववादियों ने उसे पुनर्जीवित किया है."

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पत्रकार परवेज़ मज़ीद कहते हैं, "बीते तीन महीनों के दौरान जब जब हुर्रियत ने कहा है, लोगों ने दुकानें खोली हैं. डर के मारे कुछ लोग इसका उल्लंघन नहीं करते हैं."

साल 2010 में प्रदर्शनों का कैलेंडर सिर्फ हुर्रियत कांफ्रेंस गिलानी गुट जारी करता था. साल 2016 का कैलेंडर हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के गिलानी गुट, मीरवाइज़ गुट और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट मिल कर जारी करते हैं.

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