रामकिशन को कांग्रेस कार्यकर्ता बताया वीके सिंह ने

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विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा है कि पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल कांग्रेस के कार्यकर्ता थे और उनकी आत्महत्या की वजह वन रैंक वन पेंशन नहीं थी.

वीके सिंह ने कहा, ''दिक्कतें जो वो झेल रहे थे वो ओआरओपी से संबंधित नहीं थीं.''

जनरल वीके सिंह ने रामकिशन को कांग्रेस कार्यकर्ता बताते हुए कहा, ''वो कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे और कांग्रेस के कार्यकर्ता थे. लेकिन हमारे सैनिक थे, उनके निधन पर दुख है.''

उनका कहना है कि आत्महत्या करने वाले पूर्व सैनिक रामकिशन को अगर ओआरओपी से दिक्क़त थी तो वो हमारे पास आए होते और फिर हमने कुछ नहीं किया होता.

विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि रामकिशन की "समस्या बैंक के साथ थी, बैंक ने कहा कागज़ दिखाइए हम पैसे देंगे. ओआरओपी से समस्या नहीं थी, उनको 22 हज़ार रुपए पैंशन मिल रही थी. बैंक को काग़ज़ दिखा देते तो बढ़ जाती.''

वीके सिंह ने रामकिशन की आमहया पर भी सवाल उठाए.

उन्होंने कहा, "क्या कारण है कि किसी आदमाी ने सल्फास खाया, उसको सल्फास किसने दिया, फिर एक ऑडियो आया, वो सल्फास खाकर बात कैसे कर रहे थे.''

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इससे पहले वीके सिंह ने रामकिशन की मानसिक हालत पर भी सवाल उठाते हुए कहा था ''पूर्व सैनिक की मानसिक स्थिति कैसी थी इसकी जांच होनी चाहिए. अच्छा ये होगा कि वन रैंक वन पेंशन को राजनीति से दूर रखा जाए. राहुल गांधी को इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए.''

सिंह के इस बयान को मृतक के परिजन ने ख़ारिज करते हुए कहा है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ्य थे.

वन रैंक, वन पेंशन (ओआरओपी) के मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने पहले कहा था कि अब चार पैसे के लिए कोई कहे कि वो एक साल पहले देनी, एक साल बाद देनी थी उसके अंदर नहीं पड़ना है.

उन्होंने कहा कि जो चालीस साल पुरानी मांग थी इस सरकार ने उस मांग को पूरा किया है. उनके अनुसार, ''उसमें कुछ त्रुटियां हैं जिसे रेड्डी कमीशन ठीक कर रहा है. उसके लिए ये सैनिक इंतज़ार नहीं कर रहे ये ग़लत है.''

सिंह ने पत्रकारों से उल्टे सवाल करते हुए कहा कि आपको वन रैंक वन पेंशन के बारे में क्या मालूम है. आप वो ही रिपोर्ट कर रहे हैं जो आपको सुनाई देता है. ओआरओपी में अधिकांश चीज़े दी जा चुकी हैं.

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