गुजरात: तेंदुए को ज़िंदा जलाया

इमेज कॉपीरइट AP

गुजरात में एक तेंदुए ने हमला कर एक बच्ची को मार दिया, जिससे गुस्साई भीड़ ने उसे ज़िंदा जला दिया.

वाडीगाम गांव में आठ साल की निकिता वासव खेतों की तरफ जा रही थी, तब तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया.

बाद में ये तेंदुआ पिंजड़े में फंस गया था, लेकिन गुस्साए गांववालों ने उसे ज़िंदा जला दिया.

वन अधिकारी आर एएस गधवी ने बीबीसी के अंकुर जैन को बताया कि बच्ची के मारे जाने के बाद वन्य कर्मचारियों ने तेंदुए को पकड़ लिया था.

उन्होंने बताया, "हमने गांव के आसपास सात पिंजड़े लगाए थे और तेंदुआ पकड़ लिया गया था. लेकिन गुस्साए लोग पेट्रोल लेकर आए और उस पिंजड़े में आग लगा दी, जिसमें तेंदुआ बंद था. पिंजड़े की सुरक्षा में तैनात वन्य अधिकारियों को भगा दिया गया."

हालिया वक़्त में देश में इंसान-जानवर के टकराव के कई मामले सामने आए हैं.

जुलाई में गुजरात के रोजमल गांव में लोगों ने लाठियों और पत्थरों से एक तेंदुए को मार डाला था.

गुजरात में कुल 1,395 तेंदुए हैं और यहां उनकी दूसरी सबसे बड़ी आबादी बसती है. इनमें से एक-तिहाई तेंदुए इंसानी आबादी में रहते हैं.

पिछले साल तेंदुओं के हमलों में 12 से ज़्यादा लोग मारे गए और 100 से ज़्यादा ज़ख़्मी हुए. गुजरात में लोग इन्हें दूर रखने के लिए खेतों के आसपास आग जलाए रहते हैं.

फरवरी में बेंगलूरु में एक तेंदुआ स्कूल में घुस गया था और उसे पकड़ने की कोशिश में छह लोग घायल हो गए.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)