पंजाब: सरबत खालसा से पहले गिरफ़्तारियां

  • रविंदर सिंह रॉबिन
  • अमृतसर से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
सिख लोग

इमेज स्रोत, PTI

इमेज कैप्शन,

फ़ाइल फ़ोटो

पंजाब में 10 नवंबर को सिख समुदाय के धार्मिक आयोजन सरबत खालसा बुलाने का ऐलान किया गया है लेकिन इससे पहले पुलिस ने आयोजन से जुड़े 200 से ज़्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया है.

पंजाब में एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) हरदीप सिंह ढिल्लों ने कहा कि प्रिवेंशन एक्ट के तहत 170 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है जिनमें सरबत खालसा के आयोजकों में से एक ध्यान सिंह मंड भी हैं.

वहीं पंजाब सरकार ने सरबत खालसा के आयोजन के लिए पंजाब के भठिंडा ज़िले में तलवंडी साबो में जगह देने से मना कर दिया है.

पंजाब सरकार के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सरबत खालसा बुलाने वाले शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है. हाईकोर्ट ने इस मामले में फ़ैसला मंगलवार तक स्थगित कर दिया है.

इमेज स्रोत, RAVINDER SINGH ROBIN

माना जा रहा है कि सरबत खालसा बुलाने वाले नेता जगह न मिलने की सूरत में इसका आयोजन किसी और राज्य जैसे कि हरियाणा में भी कर सकते हैं.

सरबत खालसा बुलाने वाले नेताओं में सिमरनजीत सिंह मान के अलावा पंथिक सेवा लहर के अध्यक्ष बलजीत सिंह दादुवाल, यूनाइटेड अकाली दल के अध्यक्ष भाई मोहकम सिंह और ध्यान सिंह मंड हैं.

इन नेताओं ने पंजाब सरकार की कथित नाकामियों और अकाल तख्त के जत्थेदारों के खिलाफ़ सरबत खालसा बुलाया है.

उनका आरोप है कि जत्थेदार नाकाम हैं और सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सिखों के मुद्दों पर काम करने में विफल रही है.

इमेज स्रोत, RAVINDER SINGH ROBIN

इमेज कैप्शन,

फ़ाइल फ़ोटो

सरबत खालसा को लेकर विवाद होता रहा है कि कौन इसका आयोजन कर सकता है.

जानकार कहते हैं कि सिर्फ़ अकाल तख्त को ही सरबत खालसा बुलाने का अधिकार है क्योंकि अकाल तख्त सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है.

इसके मुखिया को जत्थेदार कहते हैं. वो अन्य प्रमुख सिख प्रतिनिधियों के साथ धर्म और मर्यादा से जुड़े फ़ैसले लेते हैं जो सभी सिखों पर बाध्य होते हैं. सरबत खालसा में दुनियाभर से सिख समुदाय के संगठनों के प्रतिनिधियों को बुलाया जाता है.

इमेज स्रोत, PTI

इमेज कैप्शन,

फ़ाइल फ़ोटो

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
पॉडकास्ट
विवेचना

नई रिलीज़ हुई फ़िल्मों की समीक्षा करता साप्ताहिक कार्यक्रम

एपिसोड्स

समाप्त

पिछले साल नवंबर में तरनतारन में सरबत खालसा बुलाया गया था जिसमें अकाल तख्त ने सिरसा डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की एक आपत्तिजनक तस्वीर और गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों को उठाया था.

इसमें मंच गरमख्याली लोगों के हाथों चला गया था जिसके बाद हंगामा हुआ था. अब पंजाब सरकार किसी भी तरह के हंगामे से बचने के लिए इस तरह के कार्यक्रम को रुकवाना चाहती है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)