दो हज़ार का नोट लाना एक पहेली: चिदंबरम

पी चिदंबरम

काले धन और भ्रष्टाचार पर क़ाबू पाने के लिए 500 और 1000 रुपये के नोटों पर पाबंदी लगाने के मोदी सरकार के फ़ैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं.

बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूव वित्त मंत्री और वरिठ कांग्रेसी नेता पी. चिदंबरम ने कहा, ''अगर इससे काले धन पर लगाम लगती है तो सरकार के क़दम का हम स्वागत करते हैं लेकिन देखना ये है कि सरकार इसे कैसे लागू करती है. 500 और 1000 के नोट बंद कर 2000 के नोट को लाना एक पहेली है.''

उन्होने कहा, ''पिछली सरकार ने भी इस क़दम पर विचार किया था. इस तरह का क़दम 1978 में भी उठाया गया था लेकिन विफल हो गया था.''

इमेज कैप्शन,

वित्त मंत्री अरुण जेटली

सरकार का पक्ष रखते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "इस देश को कैशलेस इकॉनमी की ओर ले जाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है. यह समानांतर रूप से चल रही कालेधन की अर्थव्यवस्था को खत्म करने की दिशा में उठाया गया कदम है. एक बार पैसा मुख्य बैंकिंग धारा में आ जाती है तो यह मौजूदा अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन जाता है."

उन्होंने कहा, "सरकार ने बहुत कम निर्णय ऐसे होते हैं जो जीवन शैली को प्रभावित करते हैं, यह फैसला उनमें से एक है. सरकार इस तरह के फैसले बहुत कम लेती है. लोग अपना पैसा कैसे रखें और किस तरह से खर्च करें, इस पर फैसले से प्रभाव पड़ेगा."

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार के इस फ़ैसले पर कहा, ''काले धन के ख़िलाफ़ समाजवादी पार्टी भी है लेकिन ये स्थाई हल नहीं है, इसके लिए लंबे समय तक काम करना होगा.''

बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, ''इससे आम नागरिकों को दुविधाएं हो रही हैं, लोगों को दिक़्क़त नहीं होनी चाहिए, सरकार बताए कि जो लोग काला धन लेकर भाग गए हैं उनका क्या होगा.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)