नोटों के बैन से बेफ़िक्र 'बॉलीवुड'

  • सुनीता पाण्डेय
  • मुंबई से बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए
ट्विटर

कभी कालेधन की खान माना जानेवाला बॉलीवुड मोदी सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोटों पर बैन के फ़ैसले पर काफ़ी सकारात्मक नज़र आ रहा है.

सोशल साइट्स पर प्रतिक्रया देते हुए अजय देवगन ने ट्विटर पर सरकार के इस क़दम को 'सौ सुनार की एक लोहार की' बताया.

अनुष्का शर्मा ट्वीट करती हैं, ''देश के विकास में प्रधानमंत्री मोदी के इस साहसी क़दम का स्वागत है. हममें से सभी को देश के हित के लिए सहयोग करना चाहिए.''

फ़िल्ममेकर करन जौहर ने ट्विटर पर लिखा, ''ये सच में एक मास्टरस्ट्रोक है.''

जानकारों की मानें तो सरकार के इस फ़ैसले से बॉलीवुड पर कुछ ख़ास असर नहीं पड़नेवाला.

क्योंकि उनके मुताबिक़ बॉलीवुड में काले धन का चलन काफ़ी पहले ही बंद हो चुका है.

बॉलीवुड पर पैनी नज़र रखनेवाले समीक्षक जयप्रकाश चौकसे के मुताबिक़, "अगर इस तरह का बैन 25 साल पहले लगता तो शायद इसका असर बॉलीवुड पर पड़ता. लेकिन बॉलीवुड में अब नक़द रकम का चलन ही नहीं रहा. सभी बड़े सितारे अब कलाकार कम व्यापारी ज़्यादा हो चुके हैं. पैसा घर या बैंक में रखने के बजाय सितारे अब बिज़नेस में निवेश करना ज़्यादा पसंद करते हैं."

चौकसे के मुताबिक़, "बॉलीवुड के कई सितारों ने अपनी पूंजी को रियल एस्टेट, रेस्टॉरेंट और प्रॉपर्टी जैसे कारोबार में निवेश कर रखा है."

मसलन शाहरुख़ ख़ान का अधिकांश निवेश उनके प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज इंटरटेनमेंट और उनकी आईपीएल टीम कोलकाता नाइट्स में लगा है.

इसके अलावा सलमान की भारत और विदेश में कई प्रॉपर्टीज है. वह अभी दुबई में प्रॉपर्टी की तलाश कर रहे हैं.

इसी तरह अमिताभ बच्चन भी अमिताभ बच्चन कोर्पोरेशन लि.(एबीसीए) के मालिक हैं.

आमिर ख़ान भी रिएल्टी बिज़नेस में काफ़ी इंटरेस्ट लेते हैं. इस क्षेत्र में उन्होंने लगभग दो सौ करोड़ का निवेश किया है और उनका प्रोडक्शन हाउस भी है.

रितिक रोशन की अधिकतर कमाई उनके प्रोडक्शन हाउस 'फिल्मक्राफ्ट' से होती जिसके सह-मालिक रितिक और उनके पिता राकेश रोशन हैं.

अक्षय कुमार के ख़ुद के दो प्रोडक्शन हाउस 'ग्रेजिंग गोट पिक्चर्स प्रा.लि.' और 'हरी ओम एंटरटेनमेंट' है.

फ़िल्मी ट्रेड के जानकार कुमार मोहन के मुताबिक़, "80 के दशक तक बॉलीवुड में 70-30 के अनुपात में कैश चेक का भुगतान होता था. लेकिन नई पीढ़ी के अभिनेता अब एक्टिंग जैसे प्रोफ़ेशन पर निर्भर नहीं होते."

कुमार मोहन के मुताबिक, "जहां हर शुक्रवार क़िस्मत बदल जाती हो वहां कौन ऐसा होगा जो पैसा जमा करने के इस तरीक़े को आज़माएगा. और वो भी तब जब इंडस्ट्री ख़ुद भी उद्योग का रूप लेने के साथ सरकार की नज़र में हो. अगर थोड़ा-बहुत काला धन बॉलीवुड में होगा भी, तो मोदी सरकार के इस फ़ैसले के बाद ग़ायब हो जाएगा,."

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