'ये सर्जिकल स्ट्राइक आम आदमी की बचत पर'

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एक तरफ़ 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद आम जनता तकलीफ़ों का सामना कर रही है, वहीं इस मामले में सियासत तेज़ होती जा रही है.

विपक्षी दल इस फ़ैसले पर लगातार सवाल उठाते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा, ''काले धन के ख़िलाफ़ जंग छेड़ने के नाम पर एक बड़ा घोटाला हो रहा है. ये फ़ैसला तुरंत वापस लिया जाना चाहिए.''

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि काला धन फिर बन रहा है, क्योंकि इस काम में लगे लोग बिचौलियों की मदद से इन रुपयों को डॉलर, सोने और प्रॉपर्टी में बदल रहे हैं.

उन्होंने कहा, ''ये सर्जिकल स्ट्राइक काले धन पर नहीं, बल्कि आम आदमी की बचत पर है.''

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कल इस फ़ैसले का विरोध करने वाले नेताओं और राजनीतिक दलों पर सवाल खड़ा किया था.

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अब ये राजनीतिक दल सरकार और भाजपा पर पलटवार कर रहे हैं.

केजरीवाल ने इस पर कहा, ''अमित शाह ईमानदारी पर लेक्चर दे रहे हैं. इससे बड़ी बदक़िस्मती और क्या हो सकती है.''

पुराने नोट बंद होने के बाद छापेमारी की ख़बरें भी आ रही हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर साफ़ किया, ''मैं दोहराना चाहता हूं कि दिल्ली का वैट विभाग कोई छापेमारी नहीं कर रहा. मोदी सरकार का इनकम टैक्स विभाग बाज़ारों में छापेमारी कर रहा है.''

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस फ़ैसले पर सवाल उठाया. उन्होंने ट्वीट किया, ''ये बड़ा घोटाला साबित हो रहा है. आम लोगों को परेशानी हो रही है और कालाबाज़ारी करने वाले फ़ायदा उठा रहे हैं.''

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, ''1000 और 500 के नोट बंद करना कोई समाधान नहीं है, भ्रष्ट लोग आगे भी भ्रष्ट बने रहेंगे और अब वो 2000 के नए नोट का इंतज़ार कर रहे हैं.''

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