'कांग्रेस ने चवन्नी बंद की, हमने कुछ कहा था?'

  • 13 नवंबर 2016
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Image caption प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

500 और 1000 नोट बंद करने के फ़ैसले पर विरोधी नेताओं के निशाने पर आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को फिर पलटवार किया.

मोदी ने कहा, ''कैसे-कैसे लोग...2जी स्कैम, कोयला स्कैम, अरबों-ख़रबों...मालूम है ना सब? आज 4000 रुपया बदलने के लिए लाइन में खड़ा रहना पड़ता है.''

प्रधानमंत्री बेलगाम में कर्नाटक लिंगायत एजुकेशन सोसाइटी के एक समारोह में बोल रहे थे.

उन्होंने कहा, ''मैं हैरान हूं...कांग्रेस के लोग कह रहे हैं कि आप ने 500, 1000 के नोट बंद कर दिए. आप ने जब चवन्नी बंद की थी, मैंने पूछा था. आपको मालूम है कांग्रेस पार्टी ने चवन्नी बंद की थी. इस देश में तो कोई नहीं चिल्लाया.''

मोदी ने कहा, ''ठीक है...आपकी ताक़त उतनी थी. बंद करने को लेकर तो आप भी सहमत थे, लेकिन बड़े नोट बंद करने की आपकी ताक़त नहीं थी, इसलिए चवन्नी से गाड़ी चला ली थी.''

इससे पहले गोवा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सौ और हज़ार रुपये के नोट बंद करने के अपने फ़ैसले का एक बार फिर ज़ोरदार बचाव किया. मोदी ने कहा है कि जनता ने उन्हें भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए चुना है और वो वही कर रहे हैं.

उन्होंने सरकार के फ़ैसले को सही बताते हुए अपील की है कि भारत के लोग 30 दिसंबर तक काले धन के ख़िलाफ उनकी इस 'मुहिम' में उनका साथ दें. वह भारत को वैसा बना देंगे, जैसा लोगों ने उन्हें वोट देने से पहले चाहा था.

रविवार को जापान से सीधा गोवा पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए 'नोट बंदी' पर बात की. उन्होंने कहा, ''मैंने उस दिन भी कहा था कि इस फ़ैसले से तकलीफ़ होगी, लेकिन मैं आज उन लोगों के सामने सर झुकाता हूं कि हज़ारों लोग पैसों के लिए कतार बनाकर खड़े हैं और हर आदमी ये कह रहा है कि मुसीबत हो रही है, पर इससे देश का भला होगा.''

मोदी बोले, ''मुझे बस पचास दिन का समय दीजिए. ये देश वैसा हो जाएगा जैसा आप चाहते थे. अगर उसके बाद मुझमें कोई गलती दिखे तो जो चाहिए सज़ा दें.''

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Image caption गोवा में राजनीतिक स्थिरता लाने के लिए मनोहर पर्रिकर की मोदी ने तारीफ़ की.

पढ़िए उनके भाषण की मुख्य बातें:

  • इस फ़ैसले को लेकर कुछ सांसद भी खुश नहीं थे, लेकिन उन्होंने इसके बावजूद ये फैसला किया.
  • काले अभियान के ख़िलाफ़ चलाए गए इस गुप्त अभियान पर एक छोटी टीम के साथ पिछले दस महीने से काम चल रहा था.
  • सबसे मुश्किल काम इस सूचना को 'सीक्रेट' रखना था.
  • 8 नवंबर को इस फ़ैसले के साथ चमका देश का सितारा.
  • मैं मानता हूं कि लोगों को इस फ़ैसले से तकलीफ़ हो रही होगी, लेकिन मैं आज उन हज़ारों लोगों के सामने सर झुकाता हूं जो पैसों के लिए कतार बनाकर खड़े हैं.
  • अमीरों की तरह ग़रीबों के बटुए में भी जन धन योजना के तहत डेबिट कार्ड पहुंचाया गया था.
  • आज देश के उन ग़रीबों की अमीरी देखिए, जिन्होंने देश को जन धन योजना के तहत 45,000 करोड़ रुपये दिए.
  • रिटायर्ड बैंक के कर्मचारी भी स्वयसेवकों की तरह बैंकों में मदद कर रहे हैं. उन सभी कर्मचारियों को अभिनंदन.
  • हर आदमी ये कह रहा है कि मुसीबत हो रही है. पर इससे देश का भला होगा.
  • अगर उसके बाद मुझमें कोई गलती दिखे तो जो चाहिए सज़ा दें. जिस चौराहे पर चाहे सज़ा दें.

इस मामले में हो रही आलोचना के बारे में उन्होंने कहा है कि अभी तो वो बेनामी संपत्ति के ख़िलाफ भी कार्रवाई करेंगे.

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