'मुझे क्यों मार दिया, अभी जिंदा हूं मैं'

  • 17 नवंबर 2016
Image caption डॉक्टर आर. बी. सिन्हा

भारत में एक डॉक्टर को इसलिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलानी पड़ी ताकि वह अपने जीवित होने का लोगों को भरोसा दिला सकें. उनके बारे में अफवाहें फैल गई थी कि देश में काले धन के खिलाफ जारी सरकारी अभियान के दौरान उनके घर पर छापा पड़ा और इसके परिणामस्वरूप उनकी मौत हो गई.

डॉक्टर आर. बी. सिन्हा ने बीबीसी से बात करते हुए बताया कि मेरी इज्जत की धज्जियां उड़ा दी गईं और अफवाहें फैलाई गईं कि टैक्स अधिकारियों के छापे के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मेरी जान चली गई.

मंगलवार को स्थानीय मीडिया ने कहा था कि बिहार के छपरा जिले में 65 वर्षीय डॉक्टर सिन्हा के मकान पर आयकर अधिकारियों ने छापा मारा क्योंकि वहाँ छह करोड़ रुपये अवैध रूप से रखे गए थे.

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डॉक्टर सिन्हा के अनुसार यह जानकारी बिल्कुल निराधार है और यहां तक कि एक स्थानीय टीवी चैनल के संवाददाता और कैमरामैन घर के बाहर पहुंच गया और वहां की फुटेज रिकॉर्ड करने लगा और फिर सोशल मीडिया और व्हॉट्सऐप पर खबर जंगल की आग तरह फैल गई.

उन्होंने बताया, "स्थिति तब और खराब हो गई जब ज़िले में ये अफवाहें फैलनी शुरू हो गई कि आयकर अधिकारियों के छापे के बाद दिल का दौरा पड़ने से मेरी मौत हो गई." डॉक्टर सिन्हा के मुताबिक उन्होंने दो टीवी चैनलों और एक समाचार वेबसाइट को झूठी खबर देने पर कानूनी कार्रवाई का नोटिस भेजा है.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भारत में पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट खत्म करने के फैसले के बाद से कई लोगों की मौत हुई है.

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मीडिया के अनुसार मरने वालों में वे लोग शामिल हैं जो बैंकों के बाहर अपने नोट बदलने के लिए पंक्तियों में खड़े थे और इसके अलावा वे लोग भी शामिल हैं जो अस्पतालों में नकदी न होने की वजह से अपना इलाज नहीं करा सके.

गौरतलब है कि भारत सरकार की ओर से पांच सौ और हजार रुपये के मुद्रा नोट पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद लाखों लोग नकद पैसे के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं और बैंकों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगी हैं.

सरकार का कहना है कि उसने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट को काले धन या काले धन पर काबू पाने के लिए खत्म किया है लेकिन इससे आम आदमी बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

सरकार ने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट खत्म करने के अलावा काले धन को निर्यात करने के लिए आयकर अधिकारियों के छापे की घोषणा कर रखी है.

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