नोटबंदी : इंदौर कलेक्टर का अटपटा आदेश

  • 23 नवंबर 2016
Image caption इंदौर कलेक्टर का आदेश

मोदी सरकार के नोटबंदी के फ़ैसले के ख़िलाफ़ भले ही सारा विपक्ष एक साथ खड़ा हो और संसद में काम ठप्प है लेकिन इस बीच मध्यप्रदेश में इंदौर के कलेक्टर ने एक अजीब ही फ़रमान जारी किया है.

ज़िलाधिकारी पी नरहरि ने 14 नवंबर को एक आधिकारिक आदेश जारी कहा है, ''पुराने नोट को बदलने और या उसके संबंध में किसी भी आपत्तिजनक अथवा उद्वेलित करने वाली फ़ोटो, मैसेज करने पर एवं उनको फ़ॉर्वर्ड करने पर, व्हाट्सऐप, ट्विटर, फ़ेसबुक इत्यादि सोशल मीडिया पर करने से, पोस्ट पर कमेंट करने की गतिविधियों को प्रतिबंधित किया जाता है.''

ज़िला कलेक्टर के अनुसार ये आदेश 15 नवंबर, 2016 से लेकर 12 जनवरी 2017 तक लागू रहेगा.

बयान में कहा गया है कि शांति बनाए रखने के कारण ऐसा किया गया है.

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Image caption नोटबंदी का फ़ैसला

बीबीसी संवाददाता संदीप सोनी ने जब ज़िलाधिकारी पी नरहरि से बात की तो उन्होंने इस पर सफ़ाई देते हुए कहा कि अफ़वाह फैलाने वालों को देखते हुए ऐसा आदेश जारी किया गया है.

लेकिन ये पूछे जाने पर कि क्या ये मुद्दा इतना गंभीर था कि ज़िला प्रशासन को इस तरह का आदेश जारी करना पड़ा, इस पर उनका जवाब था, ''इससे पहले पिछले साल एक अफ़वाह पर हज़ारों लोग जमा हो गए थे और क़ानून-व्यवस्था का मसला बन गया था. इसीलिए इस तरह का आदेश जारी किया गया है.''

उन्होंने कहा कि नोटबंदी के संबंध में जिसको जो लिखना है सोशल मीडिया पर लिखे, लेकिन अपुष्ट तथ्यों को लिखने या प्रसारित करने की इजाज़त नहीं दी सकती है.

उन्होंने ये भी कहा कि इस तरह के आदेश के ख़िलाफ़ पहले भी लोग अदालत में गए हैं लेकिन अदालत ने उन आदेशों को सही ठहराया है.

हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि इस संबंध में अभी तक किसी के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

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