प्रधानमंत्री कार्यालय की पहल पर मदद तो मिली मगर...

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‘पुराने नोटों में’ की शादी के लिए मदद

जब लगा कि नोटबंदी की वजह से दुल्हन बनना मुश्किल हो सकता है तो ज्योति साहू ने सीधे प्रधानमंत्री को ख़त लिख दिया.

वाराणसी के पास सारनाथ की 20 साल की ज्योति बहुत खुश हुईं जब प्रधानमंत्री दफ़्तर के निर्देश पर बीस हज़ार रुपए की मदद का ऐलान भी हो गया.

(यहां अब भी चलेगा 500 का पुराना नोट)

शुक्रवार को ज्योति की शादी है और उनका कहना है कि उन्हें बीस हज़ार के पुराने नोट दे दिए गए थे, काफ़ी भागदौड़ के बाद शादी के एक दिन पहले उनके हाथों में नए वाले नोट आए हैं.

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लेकिन दूसरी तरफ़ ज़िलाधिकारी कहते हैं कि पैसा साहू परिवार के बैंक खाते में ट्रांसफ़र कर दिया गया था.

ज़िलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र कहते हैं कि उन्हें पीएमओ से एक पत्र आया था जिसमें इस परिवार की मदद करने की बात कही गई थी.

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मिश्र ने बताया, ''यह परिवार पिछड़ी जाति से संबंधित है तो राज्य सरकार की ओर से पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग शादी अनुदान के ज़रिए 20 हज़ार रुपए इनके बैंक खाते में जमा करा दिए गए हैं.''

सारनाथ के सारंग तालाब इलाक़े में साहू परिवार के घर शादी की तैयारी चल रही है. शादी की ख़ुशी और साथ ही एक टीस भी है अगर 20 हज़ार के नोट पुराने न होते, तो शादी की तैयारी छोड़कर बैंक की कतार में न लगना पड़ता.

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कपड़े का ठेला लगाने वाले पिता की बेटी ज्योति कहती हैं कि परिवार का गुज़ारा मुश्किल से चल पाता है.

ज्योति कहती हैं, ''मैंने और मेरी बड़ी बहन ने नौ तारीख़ को लेटर लिखा था. 18 नवंबर को ज़िलाधिकारी ने पापा को बुलाकर 20 हज़ार रुपये दे दिए. नोट पुराने वाले थे पर डीएम साहब ने कहा था कि जाकर बैंक से बदल लेना.''

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Image caption ज्योति की बड़ी बहन पूजा

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ज्योति की बड़ी बहन पूजा ने बताया, ''500-1000 के पुराने नोट विकास भवन से मिले थे, जिसमें 1000 के छह और बाक़ी 500-500 के थे. घर में मौजूद कुछ और पैसे जोड़कर हम लोगों ने 19 नवंबर को ही बैंक में सारे रुपये जमा करा दिए थे, बैंक में काफ़ी परेशानी के बाद शादी वाले दिन अब जाकर पैसे मिल पाए हैं.".

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