आंकड़ों में जानिए नोटबंदी का सफर

पांच सौ और दो हज़ार रुपए के नए नोट.

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आरबीआई के मुताबिक़ नोटबंदी के की घोषणा के बाद से 10 से 27 नवंबर के बीच लोगों ने पांच सौ और एक हजार रुपए के नोट के रूप में आठ लाख 44 हज़ार 982 करोड़ रुपए जमा कराए हैं या नई करेंसी से बदले हैं.

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से सोमवार को जारी बयान के मुताबिक़ इस दौरान 33 हज़ार 948 करोड़ रुपए के पुराने नोटों को नई करेंसी से बदला गया.

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इस दौरान लोगों ने आरबीआई, सरकारी और निजी बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और नगर सहकारी बैंकों में लोगों ने आठ लाख 11 हज़ार 33 करोड़ रुपए मूल्य के पांच सौ और एक हज़ार रुपए के पुराने नोट जमा कराए.

आरबीआई के मुताबिक़ इस दौरान लोगों ने बैंकों के कांउंटरों और एटीएम के ज़रिए अपने खातों से दो लाख 16 हज़ार 617 करोड़ रुपए निकाले.

आरबीआई के मुताबिक़ भारत में इस समय कुल 90 अरब नोट चलन में हैं. सरकार के इन फ़ैसलों के बाद से 20 अरब नोट बेकार हो जाएंगे.

इस तरह क़रीब 35 फ़ीसद नोट बेकार हो जाएंगे.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर की रात पांच सौ और एक हजार रुपए के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी.

इसके साथ ही सरकार पांच सौ और एक हज़ार के पुराने नोटों को बदलने और अपने खाते से पैसे निकालने की कुछ शर्ते लगा दीं थीं.

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