बस वर्दी मिलने ही वाली थी कि खुल गई पोल

  • नीरज सिन्हा
  • रांची से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
झारखंड
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फर्जीवाड़े में गिरफ्तार हुए ये युवक

झारखंड में पुलिस बहाली के लिए सर्टिफिकेट जांच में 12 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. दरअसल, इनके बदले दूसरे युवकों ने परीक्षा दी थी, जिसमें वे पास कर गए थे.

ये राज्य पुलिस में भर्ती होने के लिए अंतिम प्रक्रिया से गुजर रहे थे. झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग ने प्रमाणपत्रों की जांच के पहले दिन ही ये मामला पकड़ा है. झारखंड में 7200 पुलिसकर्मियों की बहाली की जा रही है. चयन की जिम्मेवारी कर्मचारी चयन आयोग को दी गई है.

आयोग के अवर सचिव ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है और सभी बारह लोगों को रांची पुलिस के हवाले कर दिया गया है.

रांची के आरक्षी उपाधीक्षक अमित कच्छप ने बीबीसी को बताया है कि गिरफ़्तार किए गए युवक झारखंड के साहेबगंज, पाकुड़, गोड्डा और बिहार के भागलपुर के रहने वाले हैं. उन्हें जेल भेजा जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक उनके ख़िलाफ आइपीसी की धारा 420 के अलावा और जो धाराएं लगाई गई हैं, उनमें पांच साल से अधिक की सज़ा हो सकती है.

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इनके खिलाफ आइपीसी की 420 के अलावा और जो धाराएं लगाई गई हैं

पुलिस इन मामलों में आगे की कार्रवाई में जुटी है. आरक्षी उपाधीक्षक के मुताबिक गिरफ़्तार किए गए युवकों के बदले परीक्षा जिन लोगों ने लिखी थी, उन तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, ताकि किसी रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके.

इधर, राज्य कर्मचारी चयन आयोग के संयुक्त सचिव शेषनारायण सिंह ने बताया है कि प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान उम्मीदवार द्वारा परीक्षा फॉर्म में चिपकाए गए फोटो का एडमिट कार्ड की तस्वीर से उम्मीदवार के चेहरे का मिलान किया जाता है. इसके साथ ही लिखित परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों की वीडियोग्राफी भी कराई जाती है.

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पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा

प्रमाणपत्रों के सत्यापन के दौरान आयोग के अधिकारी ने वीडियो फुटेज में पाया कि सामने खड़े उम्मीदवार के बदले परीक्षा कोई दूसरा लिख रहा है. आयोग को अंदेशा है कि कुछ और लोग इसमें शामिल होंगे.

सत्यापन के दौरान इन युवकों की तस्वीरें परीक्षा में शामिल लोगों से अलग पाई गई. तब इनसे सख्ती से पूछताछ की गई.

इस बीच, आयोग ने प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए अधिकारियों को सतर्क कर दिया है. कुछ दिनों पहले शिक्षक बहाली में भी प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान कई लोग फर्जीवाड़ा करते हुए गिरफ्तार किए गए थे. इस मामले में सैकड़ों शिक्षा मित्रों को काम से बाहर किया गया है.

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