उत्तराखंड में नमाज़ के लिए अलग से छुट्टी

  • राजेश डोबरियाल
  • देहरादून से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार ने जुमे यानी शुक्रवार के दिन सरकारी दफ़्तरों में काम करने वाले मुसलमानों को नमाज़ पढ़ने के लिए डेढ़ घंटे की ख़ास छुट्टी देने की घोषणा की है.

शनिवार देर रात हुई कैबिनेट की बैठक में कई अन्य प्रस्तावों के साथ यह प्रस्ताव भी पारित किया गया.

चुनावी माहौल में हरीश रावत सरकार के इस फ़ैसले से मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने आपत्ति जताई है. प्रदेश बीजेपी के प्रमुख प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने इसे कांग्रेस की तुष्टीकरण की नीति करार दिया है.

इन्हें भी पढ़ें

उन्होंने कहा, ''किसी भी सरकार में मुसलमानों को नमाज़ अदा करने में कोई दिक्कत नहीं हुई. इसके लिए उन्हें समय मिलता रहा है. कभी इस किस्म की कोई शिकायत नहीं आई. इसके लिए छुट्टी देने की घोषणा करना सिर्फ़ चुनावी हथकंडा है."

इमेज कैप्शन,

उत्तराखंड बीजेपी प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान

चौहान ने कहा कि हम सभी नमाज़ पढ़ने वाले मुसलमानों को सम्मान करते रहे हैं. दूसरी तरफ़ मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र कुमार अग्रवाल इस फ़ैसले को राजनीति से अलग करके देखने की बात कही.

उन्होंने कहा कि इस संबंध में अधिसूचना भी एक-दो दिन में ही जारी कर दी जाएगी. हालांकि इस आदेश में निजी संस्थाओं में नमाज़ के लिए अल्प अवकाश देने की किसी तरह की कोई बाध्यता नहीं होगी.

सुरेंद्र अग्रवाल ने कहा, "कुछ संस्थान पहले से भी ऐसा करते रहे हैं और हमारी इच्छा है कि आगे भी करते रहें. कैबिनेट की मंशा सर्वधर्म समभाव की भावना को मजबूत करने की है."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)