आठ नवंबर, 2016 के बाद से सूरत में हीरा उद्योग का काम ठप पड़ा हुआ है.

सूरत डायमंड ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश नावरिया के मुताबिक़, "सूरत ज़िले में हीरा तराशने और पॉलिश करने की करीब 4,000 फैक्ट्रियां हैं और इसमें काम करने वाले दो लाख से भी ज़्यादा लोग हैं."