झारखंड खदान हादसा: सात लाशें निकाली गईं, 60 से ज़्यादा फंसे

  • रवि प्रकाश
  • रांची से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
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झारखंड के गोड्डा में खदान धंसी, खदान में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी.

झारखंड में गोड्डा जिले के ईसीएल के भोड़ाय ओपन माइंस में हुए हादसे में अब तक 10 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. इसमें अभी और शवों के मिलने की आशंका है.

स्थानीय पत्रकार नीरभ लाल ने बीबीसी को बताया कि खदान के अंदर 60 से ज़्यादा लोग फंसे हैं. इनमें से अधिकतर बिहार और उत्तर प्रदेश से यहां काम करने आए मजदूर और ड्राइवर हैं.

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मृतकों में एक झारखंड, एक उत्तर प्रदेश और बाकी बिहार के हैं. हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 12 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की गई है. इसमें पांच लाख ईसीएल और पांच लाख प्राइवेट कंपनी और दो लाख राज्य सरकार की तरफ से मुआवजे की रकम मुहैया कराई जाएगी.

हादसे के 12 घंटे बाद आज सुबह 9 बजे एनडीआरएफ की टीम यहां पहुंची.

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अभी राहत और बचाव का काम शुरू करने की कोशिशें की जा रही हैं. राज्य की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा को मौके पर भेजा गया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर इस हादसे पर दुख व्यक्त किया है.

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खदान के अंदर स्वाभाविक तौर पर ऑक्सिजन की कमी है. ऐसे में किसी भी प्रभावित का बच पाना चमत्कार ही होगा.

ग्रामीणों ने बताया कि घटनास्थल के पास पर आक्रोशित लोगों का हुजूम है. सीआईएसएफ के जवान उन्हें घटनास्थल तक जाने से रोक रहे हैं.

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महागामा के विधायक अशोक भगत ने बीबीसी को बताया कि भोड़ाय ओपन माइंस में कोयले का वर्टिकल पहाड़ बन चुका था.

अशोक भगत का दावा है कि उन्होंने इसके लिए बहुत पहले जिम्मेवार अधिकारियों को मेल किया था, लेकिन इसके बावजूद ईसीएल प्रबंधन ने उनके पत्र पर ध्यान नहीं दिया.

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बीती रात 8 बजे ईसीएल की राजमहल परियोजना के लालमटिया में लैंडस्लाइड के कारण दो दर्जन से अधिक गाड़ियां और कई लोग मिट्टी में दब गए थे. रात के अंधेरे और घने कोहरे के कारण वहां राहत का काम शुरू करने में 12 घंटे लग गए.

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