बंगाल: भाजपा, तृणमूल कार्यकर्ता भिड़े

सुदीप बंद्योपाध्याय

भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल ईकाई के कोलकाता स्थित मुख्यालय के सामने तृणमूल कांग्रेस समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुई हैं.

तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता भाजपा मुख्यालय के बाहर अपनी पार्टी के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे. उसी समय भाजपा कार्यकर्ता वहां पंहुच गए और दोनों गुटों में झड़पें हुईं.

इसके पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो ने तृणमूल कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुदीप बंद्योपाध्याय को गहन पूछताछ के बाद गिरफ़्तार कर लिया. उन पर रोज़ वैली चिटफंड घोटाले में शामिल होने का आरोप है. उन्होंने इससे इंकार किया है.

इस मामले में गिरफ़्तार होने वाले ये दूसरे तृणमूल सांसद हैं. इसके पहले तापस पाल को ओड़ीशा की राजधानी भुवनेश्वर से इसी मामले में गिरफ़्तार किया गया था.

तापस पाल रोज़ वैली के निदेशक थे, हालांकि उन्होंने बाद में अपने पद से इ्स्तीफ़ा दे दिया था.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री लगातार कहती रही हैं कि केंद्र सरकार इस मामले में पक्षपात कर रही है और सीबीआई केंद्र के इशारे पर काम कर रही है.

क्या है रोज़ वैली चिटफंड मामला?

रोज़ वैली चिटफंड कंपनी पर आरोप है कि वह रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक़ काम नहीं करती है. वह आम जनता से ग़ैर क़ानूनी तरीके से पैसे उगाहती है.

इसके मालिक गौतम कुंडू हैं.

रोज़ वैली का कारोबार चिटफंड के अलावा मीडिया, फ़िल्म और दूसरे क्षेत्रों में भी है. पश्चिम बंगाल और असम में एक बेहद लोकप्रिय टेलीविज़न चैनल इसी समूह का है. इनका एक फ़िल्म डिवीज़न भी है.

गौतम कुंडू फ़िल्म निर्माण के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं. मशहूर निर्देशक गौतम घोष की फ़िल्म 'मनेर मानुष' का निर्माण इनकी कंपनी ने ही की थी.

सुदीप पर क्या आरोप हैं?

तृणमूल कांग्रेस सांसद बंद्योपाध्याय पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक संपर्कों का फ़ायदा उठा कर रोज़ वैली की मदद की है. रोज़ वैली उनके समर्थन और सहयोग की वजह से ही तेज़ी से फैला और उसने काफ़ी पैसे उगाहे.

सुदीप बंद्योपाध्याय ने तमाम आरोपों से इंकार किया है.

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