गाने पर कोई हंसे तो हम क्या करें: मनोज तिवारी

भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी का एक वीडियो इन दिनों काफ़ी चर्चा में है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वो एक गीत गुनगुनाते दिख रहे हैं और आसपास बैठे नेता हंस रहे हैं.

मामला इसलिए तूल पकड़ गया क्योंकि गाना नोटबंदी के दौरान कतार में खड़े लोगों से जुड़ा है और आम आदमी पार्टी के मुताबिक मनोज इसमें नोटबंदी से त्रस्त जनता का मज़ाक बना रहे हैं.

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बीबीसी से ख़ास बातचीत में मनोज तिवारी ने कहा, ''मैंने भी देखा कि मेरा एक गाना वो लोग वायरल कर रहे हैं. गाना है 'देशभक्त हैं कतार में, लगी है भारी भीड़. तकलीफ़ों से सज रही भारत की तक़दीर. आप बताइए इसमें क्या ख़राबी है?''

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'दिल्ली सरकार की साज़िश है'

लेकिन वीडियो में आसपास बैठे लोग हंस रहे हैं और माहौल मज़ाकिया है, इससे तिवारी ने इनकार भी नहीं किया. उन्होंने कहा, ''हम गाना गा रहे हैं, कोई हंसे तो हम क्या करें?

उन्होंने कहा कि वो दिल्ली में झुग्गी-बस्ती की दिक्कतों को उठा रहे हैं और इसलिए आम आदमी पार्टी सरकार को ये बात पच नहीं रही.

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तिवारी ने कहा, ''वास्तव में (मुख्यमंत्री अरविंद) केजरीवाल को दर्द कहीं और हो रहा है. मैं जो झुग्गी-बस्तियों को रियल्टी चेक कर रहा हूं और वहां लोग टॉयलेट के बिना तड़प रहे हैं. पानी के बिना तड़प रहे हैं. लोग शराब के प्रकोप से तड़प रहे हैं. मैं वो सवाल पूछ रहा हूं, तो अरविंद केजरीवाल को दर्द हो रहा है. अब वो मुद्दा बदलने के लिए, जैसे झूठ का काम रहता है. वही कर रहे हैं. ये गीत गाना मज़ाक बनाना होता है?''

ये पूछने पर कि आसपास के लोग मज़ाकिया मूड में हैं, इससे इनकार कर सकते हैं, इस पर मनोज तिवारी ने कहा, ''नहीं, नहीं वो लोग बिलकुल मज़ाक के मूड में नहीं हैं. इतना अच्छा गाना बना, इसलिए हंस रहे हैं. इसमें क्या दिक्कत है. आप बताइए.''

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उन्होंने मीडिया पर भी सवाल उठाए. तिवारी ने कहा, ''मैं चाहता हूं कि मीडिया की संवेदना भी बची रहे. मैं झुग्गी में जाकर दिखा रहा हूं कि शौच के ऊपर शौच कर रहे हैं और पानी दिल्ली सरकार ने बंद कर रखा है. इसे कोई नहीं दिखाना चाहता. एक ऐसे गीत, जिसमें हम देशभक्त कह रहे हैं और पूरा मीडिया हमसे पूछ रहा है कि आपने मज़ाक क्यों उड़ाया. गाना गाओगे तो लोग हंसेंगे ही, रोएंगे क्या.''

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उधर आम आदमी पार्टी सरकार का कहना है कि अगर वो मज़ाक नहीं उड़ा रहे थे तो वीडियो में भाजपा के नेता हंस क्यों रहे हैं?

दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बीबीसी से कहा, ''मैंने इस बारे में मनोज तिवारी को एक पत्र भी लिखा है. इस गलती का अहसास ख़ुद उन्हें भी है, क्योंकि जैसे ही उन्होंने वीडियो बनाने वाले को देखा, उन्होंने कहा कि ये वीडियो किसी को दिखाना मत.''

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Image caption दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने वीडियो को लेकर मनोज तिवारी को पत्र लिखा

मिश्रा ने कहा, ''वहां भाजपा का पूरा नेतृत्व बैठा हुआ था. मनोज तिवारी मज़ाक उड़ा रहे थे और सुधांशु त्रिवेदी से लेकर विजेंद्र गुप्ता जैसे नेता वहां मौजूद थे. वो लोग टेबल बजा-बजाकर बड़ी बेशर्मी के साथ हंस रहे थे.''

मनोज की सफ़ाई कि गाने में देशभक्त का ज़िक्र है, ऐसे में मज़ाक कैसे उड़ाया हो सकता है. इस पर पर्यटन मंत्री ने कहा, ''ऐसा है तो फिर सुधांशु त्रिवेदी, विजेंद्र गुप्ता और ख़ुद मनोज तिवारी हंस क्यों रहे थे.''

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दिल्ली सरकार पर लगाए गए मनोज के आरोपों पर कपिल मिश्रा ने कहा, ''वो झुग्गी-बस्ती जाते हैं, तो गाना गाते हैं. बैंक जाते तो गाना गाते हैं. मनोज तिवारी जी गाना अच्छा गाते हैं, लेकिन वो जनता को तबला ना समझे. गाना सुनाने के अलावा उन्होंने क्या किया?''

दिल्ली सरकार झुग्गी-बस्ती वाले लोगों के लिए क्या कर रही है, इस पर उन्होंने कहा, ''झुग्गी वालों को पता है और हमें पता है. मनोज तिवारी जी थोड़ा दिल्ली में समय बिताए. लोगों को समझें, तो उन्हें ये समझ आ जाएगा. अभी तो वो पैराशूट से उतरे हैं. अभी उन्हें समझ नहीं आएगा.''

कुछ दिन पहले मनोज तिवारी की अगुवाई वाली भाजपा की दिल्ली इकाई ने नोटबंदी के दौरान बैंकों के सामने कतार में लगे लोगों के बीच लड्डू बांटने की योजना बनाई थी, हालांकि ये कोई ख़ास कामयाब नहीं रही.

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