शरद यादव ने कब कब की महिलाओं पर टिप्पणी

जनता दल यूनाइटेड के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के एक बयान पर विवाद हो गया है.

मंगलवार को पटना में एक कार्यक्रम में शरद यादव ने कहा था, 'लोगों को यह बताना बेहद जरूरी है कि बैलट पेपर कैसे काम करता है. वोट की इज़्ज़त आपकी बेटी की इज़्ज़त से ज़्यादा बड़ी होती है. अगर बेटी की इज़्ज़त गई तो सिर्फ़ गांव और मोहल्ले की इज़्ज़त जाएगी लेकिन अगर वोट एक बार बिक गया तो देश और सूबे की इज़्ज़त चली जाएगी.'

माना जा रहा है कि इस बयान में शरद यादव ने महिलाओं की तुलना वोट से की है.

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम ने कहा है कि वो शरद यादव के बयान का स्वतः संज्ञान लेकर उन्हें नोटिस भेज रही हैं.

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मर्दों पर जुल्म के खिलाफ़ लड़ती ये औरत

वहीं शरद यादव के बयान का बचाव करते हुए जदयू नेता केसी त्यागी ने टीवी-18 से कहा, "शरद यादव के कहने का मतलब ये है कि बेटी और वोट दोनों सम्मान की चीज़ें हैं."

ये पहली बार नहीं है जब शरद यादव के महिलाओं को लेकर दिए बयान पर विवाद हुआ है. इससे पहले भी उनके कई बयान विवादित रहे हैं.

संसद में महिलाओं के रंग पर बयानः

दक्षिण भारत की महिलाएं सांवली तो ज़रूर होती हैं, लेकिन उनका शरीर खूबसूरत होता है, उनकी त्वचा सुंदर होती है, वे नाचना भी जानती हैं. लेकिन भारत के लोग गोरी चमड़ी के आगे सरेंडर कर देते हैं. यहां तो सफेद रंगत देखकर लोग दंग रह जाते हैं। शादी के विज्ञापनों में भी लिखा रहता है, गोरी लड़की चाहिए

स्मृति ईरानी पर टिप्पणी

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संसद में स्मृति ईरानी ने जब शरद यादव पर सवाल उठाए तो उन्होंने ईरानी पर टिप्पणी करते हुए कहा था, 'मैं जानता हूं कि आप कौन हैं."

महिला आरक्षण बिल

शरद यादव ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करते हुए कहा था कि यदि ये बिल पारित हो गया तो मैं ज़हर खा लूंगा. शरद यादव ने ये भी कहा था कि इस बिल से सिर्फ़ पर कटी औरतों को फ़ायदा पहुंचेगा.

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