स्पा पार्लर: लोग हमसे पूछते हैं, तुम कहां-कहां छूते हो

  • 16 फरवरी 2017
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''शर्म से मैं अपनी गर्लफ्रेंड को नहीं बता पाता हूं, क्योंकि मैं बताऊंगा तो वह शायद मुझे छोड़ देगी. हालांकि हर महीने उसे पढ़ने के लिए पैसे भेजता हूं. दिल्ली के जिस मालवीय नगर के इलाके में रहता हूं, वहां भी जो मुझे जानते हैं वो मेरे काम को लेकर मज़ाक उड़ाते हैं. लोग कहते हैं, ऐ मसाज वाला सुनो इधर. आज क्या-क्या छुआ. उन्हें लगता है कि मैं कोई सेक्स रैकेट में शामिल हूं.''

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Image caption दिल्ली के स्पा पार्लरों में मसाज करने वाले छुपाते हैं अपनी पहचान

गुवाहाटी के महीप (बदला हुआ नाम) का यह दर्द है, जो दिल्ली के प्रतिष्ठित फोरफाउंटेन स्पा में काम करते हैं. हालांकि महीप ने बाक़ायदा प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली हुई है. उन्हें हर महीने 20 हज़ार रुपए की पग़ार मिलती है. महीप को यह काम करना अच्छा लगता है लेकिन वह अपनी पहचान ज़ाहिर करने से बचते हैं. महीप इस बात को बताने से बचते हैं कि वह मसाज करते हैं.

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फोरफाउंटेन स्पा के पीआर मार्केटिंग की वीणा भाटे का कहना है कि इस पेशे में लगे 50 फ़ीसदी से ज़्यादा लोग पूर्वोत्तर के हैं. इन्हें लेकर ऐसे भी कई तरह फ़ब्तियां कसी जाती हैं. स्पा को लेकर भारत जैसे देश में कई तरह के पूर्वाग्रह हैं. लोगों को लगता है कि यहां कोई ग़लत काम होता है. ऐसे में ये अपने होमटाउन में अपना काम बताने से बचते हैं.

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यह समस्या केवल महीप की ही नहीं है. महीप ने बताया कि वह अपने तीन दोस्तों के साथ रहते हैं और सभी अपने काम को छुपाते हैं. यहां साथ में लड़कियां भी काम करती हैं और उन्हें भी अपनी पहचान ज़ाहिर करने में शर्म आती है. हालांकि ऐसा तब है जब यहां सेम जेंडर स्पा होता है. मतलब लड़के को लड़का मसाज करता है और लड़कियों को लड़कियां.

देश में स्पा पार्लर को लेकर इतनी ज़्यादा बदनामी है कि कोई भरोसा ही नहीं करता कि वहां मसाज के सिवा कुछ और नहीं होता है.

स्पा पार्लरों में काम करने वाली लड़कियों ने भी इस बात को कबूल किया कि उनके काम को जो इज्जत मिलनी चाहिए थी वह नहीं मिलती है. वीणा का मानना है कि लोगों के मोबाइल पर मसाज को लेकर आने वाले एसएमएस में जो बातें कही जाती हैं, उससे और ज्यादा बदनामी हुई है.

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एसएमएस में ख़ूबसूरत और जवान लड़कियों से मसाज कराने का वादा किया जाता है. ऐसे प्रलोभनों को देखकर हर किसी के दिमाग़ में मसाज की कुछ और ही तस्वीर उभरती है. ज़ाहिर है मसाज करने वालों के प्रति लोगों के मन में भी वैसी ही छवि बनती होगी.

वीणा बताती हैं कि देश भर के स्पा पार्लरों में क्रॉस जेंडर मसाज सबसे ज़्यादा है और यहीं पर सेक्स रैकेट जैसी हरकतों का पर्दाफाश होता है. उन्होंने कहा कि सेम जेंडर मसाज में ऐसी चीजें नहीं होती हैं. सेम जेंडर स्पा को फैमिली स्पा पार्लर के तौर पर भी जाना जाता है.

आख़िर इस पेशे में पूर्वोत्तर के ही ज़्यादा लोग क्यों हैं? इस पर वीणा ने बताया कि स्पा ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट पूर्वोत्तर के राज्यों में ज़्यादा हैं. पूर्वोत्तर के ज़्यादा लोगों को होने की एक वजह तो यह हो सकती है.

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