यूपी को 'कसाब' से मुक्ति दिलाने की ज़रूरत: अमित शाह

अमित शाह

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने गोरखपुर के चौरीचौरा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को 'कसाब' से मुक्ति दिलाने की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा, "मेरे कसाब कहने का कोई और अर्थ न लगाएं. कसाब से मेरा मतलब है 'क' यानी कांग्रेस, 'स' यानी समाजवादी पार्टी और 'ब' यानी बहुजन समाज पार्टी."

कांग्रेस ने अमित शाह के बयान की तीखी आलोचना की है.

पार्टी नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ये बीजेपी की सांप्रदायिक मनोवृत्ति को दर्शाता है.

अजमल कसाब वही शख्स है, जो 2008 के मुंबई हमलों के समय ज़िंदा पकड़ा गया था और 2012 में उसे फांसी दी गई थी.

गठबंधन से इनकार

इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश में किसी भी दल को बहुमत न मिलने की स्थिति में बहुजन समाज पार्टी या किसी भी अन्य दल के साथ चुनाव बाद गठबंधन से इनकार किया.

अमित शाह ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि बीजेपी को उत्तर प्रदेश में बहुमत हासिल होगा.

"किसी से भी हाथ मिलाने का दूर-दूर तक कोई सवाल नहीं उठता."

उत्तर प्रदेश में चौथे चरण में 12 ज़िलों की 53 सीटों के लिए 23 फ़रवरी यानी गुरुवार को वोट डाले जाएंगे. इनमें प्रतापगढ़, इलाहाबाद और रायबरेली प्रमुख हैं.

बीजेपी अध्यक्ष ने ये भी कहा कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद के किसी उम्मीदवार के नाम की घोषणा ना करना पार्टी की चुनावी रणनीति का हिस्सा है.

अमित शाह ने कहा कि इस चुनाव के नतीजे दूरगामी असर डालेंगे और इनका 2019 के लोकसभा चुनाव पर भी असर रहेगा.

हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि यूपी चुनाव के नतीजे देश के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होंगे.

सोनिया गांधी का बयान

इस बीच बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक लिखित बयान जारी कर कहा है कि कुछ कारणों से वो मतदाताओँ के बीच अब तक नहीं आ सकी हैं.

उन्होंने कहा, "कुछ कारणों से मैं आप सब के बीच उपस्थित नहीं हो सकी. आपका प्रतिनिधित्व करना मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व की बात है."

उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए सात चरणों में चुनाव हो रहे हैं. पांचवें चरण को मतदान 27 फ़रवरी, छठे चरण का 4 मार्च और सातवें चरण का मतदान 8 मार्च को होगा.

मतगणना 11 मार्च को होगी.

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