राम मंदिर के लिए जान लेने और देने को तैयार: भाजपा विधायक राजा सिंह

  • राजेश जोशी
  • बीबीसी संवाददाता
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टी राजा सिंह

तेलंगाना के भारतीय जनता पार्टी विधायक टी राजा सिंह का कहना है कि अयोध्या में राम मंदिर बनाना उनका संकल्प है और इस संकल्प को पूरा करने के लिए वो 'जान देने और जान लेने को तैयार हैं'.

गोरक्षा के मुद्दे पर भी टी राजा सिंह क़ानून हाथ में लेने का समर्थन करते हैं. राजा सिंह का दावा है कि 'इंसान की जान की क़ीमत गाय से बढ़कर नहीं है'.

क्या एक विधायक को ये कहते हुए हिचक नहीं होनी चाहिए?

वो कहते हैं, "विधायक से पहले मैं एक हिंदू हूं. मैं अपना कर्तव्य निभा रहा हूं."

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गाय को बचाने के लिए इंसान को मारेंगे: राजा सिंह

हालांकि वो ये जरूर जोड़ते हैं कि ये उनकी पार्टी का नहीं, बल्कि उनका रुख है.

राम मंदिर को लेकर हाल में दिए विवादित बयान की वजह से चर्चा में आए टी राजा सिंह ने बीबीसी से कहा, "राम मंदिर बनना हर हिंदू का संकल्प है और मेरा भी संकल्प है. हिंदू हो या मुस्लिम सिख हो या ईसाई अगर कोई भी राम मंदिर के बीच में आता है तो हम हमारे प्राण दे भी सकते हैं और हम अगले के प्राण ले भी सकते हैं".

वो कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि राम मंदिर का मसला बाहर हल किया जाए.

टी राजा सिंह चेतावनी के लहज़े में कहते हैं, "अगर कोई बात से नहीं मानता है तो हम हर प्रकार से तैयार हैं. बस हमारा लक्ष्य अयोध्या में राम मंदिर बनाना है. हम हर तरह से तैयार हैं. आप समझ लीजिए. हम उनको छोड़ेंगे नहीं."

क्या उन्हें देश के संविधान और कानून पर भरोसा नहीं है?

इस सवाल पर वो कहते हैं, " सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है, यही सोचकर आज तक इंतज़ार कर रहे हैं. आने वाले समय में और इंतज़ार करेंगे."

लेकिन अगर फ़ैसला ख़िलाफ आया, तो? भाजपा विधायक कहते हैं, "तो, हम जान दे देंगे लेकिन अयोध्या में राम मंदिर बनाकर रहेंगे. और जब जान देने की क्षमता रखते हैं तो लेंगे भी."

कौन हैं टी राजा सिंह

टी राजा सिंह गोरक्षा के मुद्दे पर मुखर रहे हैं. वो बताते हैं कि साल 1999 में उन्होंने श्रीराम युवा सेना गोरक्षा दल का निर्माण किया और गोहत्या का विरोध शुरु किया.

वो दावा करते हैं कि गौरक्षा के लिए उन्होंने कई लड़ाइयां लड़ी हैं और उन पर कई केस भी हुए हैं.

टी राजा सिंह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के हाल में गोरक्षा को लेकर आए बयान के समर्थन की बात तो करते हैं, लेकिन गाय बचाने के लिए हिंसा को गलत नहीं मानते हैं.

वो कहते हैं, "मैं मोहन भागवत के उस बयान का समर्थन करता हूं कि जो गोरक्षा करते हैं वो किसी के ऊपर हमला न करें. लेकिन जब हम गोरक्षा को जाते हैं. ट्रक पकड़ते हैं, तब अगर उनकी ओर से हमला होता है तो सेल्फ डिफेंस तो करना होगा. नहीं तो हम मारे जाएंगे."

हाल में राजस्थान के अलवर में गौरक्षकों के कथित हमले में एक व्यक्ति की मौत के मामले पर वो कहते हैं, "हमने भी वो वीडियो देखा है. हमें भी बहुत तकलीफ हुई कि इस तरह से एक बूढ़े को नहीं मारना चाहिए लेकिन गाय का महत्व अगर कोई व्यक्ति जान लेता है तो वो आपा खो बैठता है."

लेकिन गाय को बचाने के लिए किसी इंसान को मार देना कितना ठीक है, इस सवाल पर वो कहते हैं, " गाय से बढ़कर हमारे लिए कुछ नहीं है"

वो कहते हैं कि उनके लिए गाय से बढ़कर इंसान भी नहीं है.

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