कश्मीर में वायरल होते वीडियो: क्या मालूम है और क्या नहीं

  • माज़िद जहांगीर
  • श्रीनगर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
फ़ारुक़ अहमद डार

इमेज स्रोत, Amnesty International India

इमेज कैप्शन,

घटना में फ़ारुक़ अहमद डार के हाथ में चोट आई है

भारत-प्रशासित कश्मीर में बीते कई दिनों में ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें सुरक्षा बलों के कथित अत्याचारों की तस्वीरें हैं.

कुछ वीडियो ऐसे भी हैं जिनके बारे में अभी तक ये साफ़ नहीं हो पाया है कि ये वीडियो कश्मीर के किस जगह के हैं. न ही इस बात का पता चल सका है कि ये वीडियो कब के हैं?

लेकिन सोशल मीडिया पर ये खूब साझा किये जा रहे हैं और इस वीडियो को देखकर सेना की आलोचना भी हो रही है.

14 अप्रैल को कश्मीर के बडगाम जिला के चिल गांव का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें सेना ने एक नौजवान को जीप के साथ बांध कर कई किलोमीटर तक घुमाते दिखाया गया है.

इमेज स्रोत, Amnesty International India

इस बात की पुष्टि खुद उस नौजवान फ़ारुक़ अहमद डार ने की है. ये मामला नौ अप्रैल का था जब बडगाम में उपचुनाव के लिए वोट डाले जाने वाले थे.

शनिवार, 15 अप्रैल को अभी तक दो वीडियो वायरल हुए हैं. एक वीडियो में कुछ कश्मीरी युवाओं को सुरक्षा बल के जवान अपनी गाड़ी में ले जाते हुए डंडे से मार रहे हैं और सुरक्षाकर्मी इन युवाओं को 'पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे' लगवा रहे हैं.

वीडियो में एक युवा के माथे से खून बहता हुआ देखा जा सकता है. बताया जा रहा है कि ये वीडियो पुलवामा का है, जहां शनिवार को स्कूली छात्रों और सुरक्षा बलों में झड़पें हुई हैं.

पुलिस ने इस बात से इंकार किया है कि ये वीडियो पुलवामा का है. हालांकि ये साफ़ नहीं है कि इस वीडियो को किसने बनाया है.

इमेज स्रोत, Amnesty International India

इमेज कैप्शन,

नौ अप्रैल को मारे गए 17 साल के अकील अहमद के चचेरे भाई और परिजन

शनिवार को ही एक दूसरा वीडियो वायरल हुआ है. इसमें सुरक्षा बल के जवान एक युवा को पकड़ कर बीच सड़क पर लिटाते हैं और उसके पीठ पर चढ़कर युवक की डंडे से पिटाई करते हैं.

इस वीडियो के बारे में भी अभी तक पता नहीं चल सका है कि ये किस जगह का है और कब रिकॉर्ड किया गया.

पिछले नौ अप्रैल का एक अन्य वीडियो ज़िला बडगाम से सामने आया है जिसमें तनाव में फंसे हुए सीआरपीएफ़ के कुछ जावानों को स्थानीय लोग सुरक्षित निकालने के लिए रास्ता देते नज़र आते हैं.

इमेज स्रोत, Amnesty International India

इमेज कैप्शन,

वो जगह जहां से आईटीबीपी के जवान ने अकील अहमद को गोली मारी

पिछले ही दिनों एक और वीडियो वायरल हुआ था. इसमें सुरक्षा बल का एक जवान एक प्रदर्शनाकारी के सिर में सीधा गोली मारता है. ये वीडियो भी जिला बडगाम का बताया गया है. इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज किया है.

वायरल हुए एक अन्य वीडियो में कुछ कश्मीरी युवा सीआरपीएफ़ के जवानों पर हमला करने की कोशिश करते हुए दिख रहे हैं.

ये वीडियो बडगाम का था. इसे नौ अप्रैल को हुए उपचुनाव के दिन शूट किया गया था. इस मामले में पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है.

इमेज स्रोत, Amnesty International India

इमेज कैप्शन,

अकील अहमद के घर के बाहर लगा बैनर. (इस कहानी की सभी तस्वीरें साभार एमनेस्टी इंटरनेशनल की हैं)

मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने एक बयान जारी कर कहा है कि संस्था जीप पर बांध कर घुमाए गए फ़ारुक़ अहमद डार और गोली से मारे गए अकील अहमद के घर जाकर पड़ताल की है.

संस्था के मुताबिक एक वीडियो में नौ अप्रैल को बडगाम के बीरवाह मतदान केंद्र पर पर 17 साल के अकील अहमद वानी को इंडो तिब्बती बॉर्डर पुलिस के एक जवान ने पीछे से गोली मारी. पांच दिन बाद जब इंटरनेट से पाबंदी हटी तो ये वीडियो सामने आया.

संस्था ने ज़िम्मेदार सैन्य अधिकारियों पर सिविल कोर्ट में मुकदमा चलाने की मांग की है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)