प्रेस रिव्यू: प्रार्थना करने से कुछ भी नहीं बदलता: दलाई लामा

  • 31 मई 2017
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बौद्ध गुरु दलाई लामा ने इंडियन एक्सप्रेस के एक कार्यक्रम में कहा कि प्रार्थना से कुछ भी नहीं बदलता है. दलाई लामा के इस बयान को इंडियन एक्सप्रेस ने प्रमुखता से छापा है.

उन्होंने इस कार्यक्रम में कहा, ''शक को ख़त्म कर दोस्त बनाने की राह अपनानी होगी. दुर्भाग्य से यहां धर्म के नाम पर हिंसा हो रही है. सीरिया और इराक़ में देखिए क्या हो रहा है. हज़ारों हज़ार बच्चे सीरिया में मर रहे हैं. हमने कैसी स्थिति पैदा कर दी है. हम अन्य इंसानों को मरते हुए देख रहे हैं लेकिन तटस्थ बने हुए है. मैं मानवता के एकात्मवाद को लेकर पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं.''

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उन्होने कहा, ''अगर हम इन आम भावनाओं को साझा करते हैं तो हिंसा और युद्ध की कोई ज़मीन नहीं बचती है. यह कठिन है पर इसे हासिल किया जा सकता है. मेरी मुलाक़ात एक शख़्स से हुई और उसने प्रार्थना करने का आग्रह किया. मैंने कहा कि मैं एक बौद्ध हूं और हर दिन प्रार्थना करता हूं, लेकिन मैं नहीं मानता कि इससे दुनिया शांतिमय हो जाएगी. हम हज़ारों सालों तक प्राथना करना जारी रख सकते हैं पर इससे कोई तब्दीली नहीं होगी. हमें यथार्थवादी होना होना चाहिए.''

दलाई लामा ने कहा, ''यदि आपको बुद्ध और या जीज़स क्राइस्ट से मिलने का मौक़ा मिले उनसे इस दुनिया में शांति लाने के लिए कहिएगा और वे निश्चित तौर पर आपसे पूछेंगे कि हिंसा किसने फैलाई? अगर हिंसा ईश्वर ने फैलाई तो शांति उन्हें लानी चाहिए. ऐसे में ईश्वर से शांति की अपील करना क्या सही है? मैं इस मामले में बिल्कुल निश्चिंत हूं कि बुद्ध या जीज़स क्राइस्ट आप सभी से कहेंगे कि समस्या तुमने खड़ी की इसलिए इसे ख़त्म करने की ज़िम्मेदारी भी तुम्हारी ही है. शांति के लिए काम कीजिए. प्रार्थना करना बहुत आसान है.''

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द एशियन एज के मुताबिक, मंगलवार को रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक बयान में कहा कि एक रुपये का नया नोट जल्दी ही प्रचलन में आने वाला है. इस नोट का रंग मुख्य रूप से गुलाबी और हरे रंग का मिश्रण होगा. सरकार नए नोट प्रिंट कर चुकी है.

नया नोट एक रुपये के सिक्के की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा. इस नोट पर वित्त सचिव शशिकांत दास के हस्ताक्षर होंगे. इस नोट पर साल 2017 लिखा होगा. एक रुपये के नोट 1994 के बाद छपने बंद हो गए थे , इन्हें 2015 में दोबारा चलन में लाया गया था.

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टाइम्स ऑफ इंडिया ने लिखा है कैंसर के ख़िलाफ़ चल रहे युद्ध में, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की अगुआई वाली एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने पहली बार पाया है कि कैंसर फैलने का क्या कारण है और इसे धीमा कैसे कर सकते हैं.

ये महत्वपूर्ण है क्योंकि 90 प्रतिशत कैंसर से होने वाली मौतें इसलिए होती हैं क्योंकि कैंसर का सेल टूट कर शरीर के हिस्से में फैलने लगता है. अभी तक ऐसी कोई दवाई नहीं है जो कैंसर को फैलने से रोक सके. शोधकर्ताओं ने पाया कि कैंसर के सेल को अगर सघनता के साथ पैक कर दिया जाए तो कैंसर को फैलने से रोका जा सकता है.

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हिंदुस्तान ने लिखा है सीबीआई ने सीबीएसई में आईटी विभाग के निदेशक, एक कंपनी के प्रतिनिधि, एक कंपनी और अज्ञात अधिकारियों के ख़िलाफ़ आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है.

आरोप है कि इन्होंने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) के दौरान परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर शीट परीक्षण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं बरतीं. साथ ही टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई.

सीबीएसई का कहना है कि नेट परीक्षा गत 22 जनवरी को आयोजित की गई थी. परीक्षा के दौरान कोई बाधा नहीं आई. इसका परिणाम सोमवार को घोषित हुआ है, इसमें किसी तरह की गड़बड़ी से सीबीएसई ने इनकार किया है.

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अमर उजाला ने लिखा है कि डेंगू-चिकनगुनिया पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख़्ती दिखाते हुए कहा है कि दिल्ली सरकार, केंद्र के स्वच्छता अभियान की तर्ज पर लोगों को जागरूक करे.

अदालत ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान का देशभर में एक बड़ा प्रभाव पड़ा है, ऐसे में दिल्ली सरकार व अन्य निकायों को भी इस तरह के अभियान चलाना चाहिए.

इतना ही नहीं अदालत ने केंद्र व दिल्ली सरकार और नगर निगम को मच्छर और जलजनित बीमारियों पर रोकथाम के लिए ठोस कदम नहीं उठाने पर फटकार भी लगाई.

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