राष्ट्रपति चुनाव पर आपके हर सवाल का जवाब यहां है

राष्ट्रपति भवन

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बीबीसी की ख़ास पहल 'हमसे पूछिए' के तहत हमने आपसे पूछा था कि आप राष्ट्रपति चुनावों के किस पहलू के बारे में और अधिक जानना चाहते हैं.

आपने कई सवाल भेजे जिसमें से इस सवाल में सबकी दिलचस्पी थी कि भारत का राष्ट्रपति कैसे चुना जाता है.

हम इस रिपोर्ट में ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दे रहे हैं.

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1. राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया क्या होती है?

(भौमिक पटेल) (हर्ष प्रमेश) (मनीष कुमार) (अशोक सिंह) (मोहम्मद अलीम) (शैलेंद्र कुमार) सुशील नारायण) (लवनीत जैन) (शाहवाज) (अरविंद सिंह) (अब्दुल करीम टाक) (आर एस तिवारी) (अखिलेश यादव) सुभाष, (हरिकिशोर कुमार) (माधव शर्मा) (हेमाराम बारूपाल) (राजीव) (फैजान मलिक) (जयदेव यादव)

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राष्ट्रपति का निर्वाचन इलेक्टोरल कॉलेज के द्वारा किया जाता है. इन इलेक्टोरल कॉलेज निर्वाचक मंडल के सदस्य होते हैं लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य और इसके अलावा सभी विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य.

विधान परिषद् के सदस्य उसके सदस्य नहीं होते. लोकसभा और राज्यसभा के नामांकित सदस्य भी इसके सदस्य नहीं होते हैं.

लेकिन इन सभी के मतों का मूल्य अलग-अलग होता है. लोकसभा और राज्यसभा के मत का मूल्य एक होता है और विधानसभा के सदस्यों का अलग होता है. ये राज्य की जनसंख्या के आधार पर तय होता है.

इसमें मशीन का इस्तेमाल नहीं होता है.

2.क्या राष्ट्रपति चुनाव में टाई होता है और ऐसा होता है तो चुनाव कैसे किया जाता है? (मनोज ककाडे)

टाई होने के बारे में संविधान बनाने वाले ने संकल्पना नहीं की थी. इसलिए इसके बारे में जिक्र नहीं है. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर जो 1952 का कानून है उसमें भी इसका जिक्र नहीं है. ऐसी स्थिति आज तक आई भी नहीं है और आने की संभावना भी नहीं दिखती है.

3.राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने के बाद क्या उनका राजनीतिक जीवन खत्म हो जाता है. क्या वो उसके बाद चुनाव नहीं लड़ सकते. (प्रदीप बस्सी)

संविधान में स्पष्ट प्रावधान है कि राष्ट्रपति कार्यकाल समाप्त होने के बाद दोबारा राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा जा सकता है. राजनीतिक जीवन समाप्त होने का कोई सवाल नहीं उठता है. वो चाहे तो किसी भी तरह से राजनीतिक जीवन में रह सकते हैं. लेकिन देश के सर्वोच्च पद पर रहने के बाद स्वाभाविक है कि वो सांसद या विधायक या राज्यपाल बनना पसंद नहीं करेंगे. क्योंकि ये सब तो राष्ट्रपति के नीचे के पद हैं.

4.राष्ट्रपति पद का क्या महत्व है जब भारत में सारे अधिकार प्रधानमंत्री के पास होते हैं? (मनोज कुमार सिंह) (मोहम्मद जावेद अख्तर) (परमजीत सिंह) (मोहम्मद अफज़ल)

ऐसा नहीं है कि सारे अधिकार प्रधानमंत्री के पास रहते हैं. सबके अपने-अपने क्षेत्र हैं. पूरी कार्यपालिका की शक्तियां राष्ट्रपति के हाथ में होती है. राष्ट्रपति इनका प्रत्यक्ष तौर पर स्वयं या फिर अपने अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से इस्तेमाल कर सकते हैं.

राष्ट्रपति का प्रमुख दायित्व प्रधानमंत्री को नियुक्त करना और संविधान का संरक्षण करना है. यह काम कई बार वो अपने विवेक से तय करते हैं. कोई भी अधिनियम उनकी मंजूरी के बिना पारित नहीं हो सकता. वो मनी बिल को छोड़कर किसी भी बिल को पुनर्विचार के लिए लौटा सकते हैं.

5.राष्ट्रपति का चुनाव कौन लड़ सकता है और उस व्यक्ति की योग्यता और उम्र क्या होनी चाहिए. राष्ट्रपति के कर्तव्य और अधिकार क्या हैं? (मोहम्मद इमरान खान) (अनिल कुमार) (सुरेंद्र मिश्रा)

भारत का नागरिक होना चाहिए. आयु कम से कम 35 साल होनी चाहिए. लोकसभा का सदस्य होने की पात्रता होनी चाहिए. इलेक्टोरल कॉलेज के पचास प्रस्तावक और पचास समर्थन करने वाले होने चाहिए.

राष्ट्रपति का मूल कर्तव्य संघ की कार्यकारी शक्तियों का निर्वहन करना है. फौज के प्रमुखों की नियुक्ति भी वो करते हैं.

6.राष्ट्रपति को पद से कैसे हटाया जा सकता है? (ओमप्रकाश सिंह)

राष्ट्रपति को उसके पद से महाभियोग के ज़रिये हटाया जा सकता है.

इसके लिए लोकसभा और राज्यसभा में सदस्य को चौदह दिन का नोटिस देना होता है. इस पर कम से कम एक चौथाई सदस्यों के दस्तख़त ज़रूरी होते हैं. फिर सदन उस पर विचार करता है. अगर दो-तिहाई सदस्य उसे मान लें तो फिर वो दूसरे सदन में जाएगा. दूसरा सदन उसकी जांच करेगा और उसके बाद दो-तिहाई समर्थन से वो भी पास कर देता है तो फिर राष्ट्रपति को पद से हटा हुआ माना जाएगा.

7.क्या दो ही उम्मीदवार खड़े होते हैं या ज़्यादा भी उम्मीदवार हो सकते हैं? (कृपानंद)

दो से ज्यादा भी उम्मीदवार हो सकते हैं बशर्ते कि पचास प्रस्तावक और पचास समर्थन करने वाले हो.

8.राष्ट्रपति क्षमादान के अधिकार का उपयोग अपने विवेक से करता है या मंत्रिपरिषद की सलाह पर? (नितिन गायकवाड़)

क्षमादान के अधिकार का उपयोग राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद के सलाह पर ही करता है. लेकिन मंत्रिपरिषद ने राष्ट्रपति को क्या सलाह दी है, ये अदालत में भी नहीं पूछा जा सकता है.

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9.सिंग ट्रांसफरेबल वोटिंग क्या चीज़ है. (संतोष मीणा और अब्दुल करीम टाक) (तरूण कुमार उपाध्याय)

इसमें प्रावधान यह है कि राष्ट्रपति के चुनाव में आनुपातिक प्रतिनिधित्व सिंगल ट्रांसफरेबल वोट होगा. संविधान के निर्माण के समय ये बिना किसी मीटिंग के पास हो गया था. लेकिन सवाल उठता है कि एक से ज्यादा सीटों पर अगर चुनाव हो रहा है तो आनुपातिक प्रतिनिधित्व की बात होती है. एक पद के लिए नहीं.

10.क्या अब तक किसी राष्ट्रपति का चुनाव निर्विरोध हुआ है.

नीलम संजीव रेड्डी अकेले राष्ट्रपति हुए जो निर्विरोध चुने गए थे और डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद अकेले राष्ट्रपति थे जो दो बार चुने गए.

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