कांवड़ियों की वजह से मीट की दुकानें बंद?

कांवड़ियां

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सांकेतिक तस्वीर

सावन की शिवरात्रि (21 जुलाई) को शिवलिंग पर जल चढ़ाने की कांवड़ियों की यात्रा अंतिम मुकाम पर है.

लेकिन इस यात्रा के खत्म होने से ठीक पहले नोएडा-दादरी रोड पर मीट और अंडे की दुकानें बंद करवाए जाने की ख़बरें आईं.

बीबीसी हिंदी से बात करते हुए नोएडा पुलिस के एसएसपी लव कुमार ने कहा, ''कांवड़ियों के निकलने का जो मेन दिन होता है, उस रास्ते में या कांवड़ियों के कैंप के पास अगर कोई खुले में मीट टांगने वाली दुकानें होती हैं, उन्हें कवर करने के निर्देश दिए जाते हैं न कि बंद करने के."

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'कोई तुगलकी फरमान नहीं है'

लव कुमार ने आगे कहा कि अगर मीट की दुकान खुले में हैं, तब एहतियात के दौर पर ऐसी दुकानें बंद करने के लिए हम लोग रिक्वेस्ट कर लेते हैं.

उन्होंने कहा-

  • इसको लेकर कोई तुगलकी फरमान नहीं है. अगर कोई तब भी दुकान खोलना चाहे तो वो खोल सकता है. हालांकि अब तो रोड किनारे की दुकानें वैसे भी बंद हो गई हैं, बिना लाइसेंस के कोई दुकान खोल भी नहीं पाता है.
  • सावधानी बरतते हुए ऐसा इसलिए किया जाता है कि ताकि कोई झगड़े या विवाद की स्थिति पैदा न हों. सिर्फ इसलिए कुछ वक्त के लिए इन दुकानों को कवर किया जा रहा है. इसको लेकर प्रशासन की तरफ से कोई आदेश पारित नहीं हुआ है.
  • कांवड़ियों के रास्ते में अगर मीट का टुकड़ा पड़ा होता है और रास्ते में इसकी वजह से कुत्ते इकट्ठा हो जाते हैं. किसी कांवड़ियों को इससे दिक्कत न हो, इसलिए ये दुकानें कुछ जगह आपसी सहमति से भी बंद की जा रही हैं.

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