उर्दू प्रेस रिव्यूः नवाज़ शरीफ़ के गले की हड्डी बना पनामा लीक्स

  • 23 जुलाई 2017

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात की जाए तो पनामा लीक्स से जुड़ा मामला पूरे हफ़्ते अख़बारों में छाया रहा.

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भ्रष्टाचार से जुड़े पनामा लीक्स मामले की जांच के लिए पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने जेआईटी यानी संयुक्त जांच कमेटी का गठन किया था.

जेआईटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी. उसके बाद अदालत में उस रिपोर्ट पर सुनवाई हुई. बीते हफ़्ते सुनवाई पूरी हो गई, लेकिन अदालत ने अपना फ़ैसला सुरक्षित रखा है. फ़ैसले की तारीख़ के बारे में अदालत ने कुछ नहीं कहा है.

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पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार अदालत ने कहा है कि प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को उस पद पर बने रहने के अयोग्य ठहराने पर भी विचार किया जाएगा.

कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में पाया था कि नवाज़ शरीफ़ और उनके परिवार ने जो दौलत जमा की है उसका वो ठीक तरह से हिसाब देने में नाकाम रहे थे कि उन्होंने ये दौलत कहां से जमा की है.

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अख़बार जंग के मुताबिक़ अदालत ने जेआईटी के बारे में कहा कि उन्होंने जिन हालात में काम किया वो निश्चित तौर पर तारीफ़ के काबिल है.

जंग के अनुसार अदालत ने कहा, ''हम गारंटी देते हैं प्रधानमंत्री की अयोग्यता का जायज़ा लेंगे. अगर हमने मुक़दमा चलाने का फ़ैसला सुनाया तो ये फ़ेयर ट्रायल होगा. सभी व्यक्तियों के मूल अधिकारों की रक्षा की जाएगी.''

अख़बार के अनुसार नवाज़ शरीफ़ ने कहा है कि अदालत का हर फ़ैसला उन्हें स्वीकार होगा और अगर फ़ैसला उनके पक्ष में नहीं आया तो वो हर संभव संवैधानिक और क़ानूनी विकल्प तलाश करेंगे.

अख़बार एक्सप्रेस लिखता है कि फ़ैसला सुरक्षित रखने के फ़ैसले के बाद नवाज़ शरीफ़ की पार्टी मुस्लिम लीग(नून) के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई. इस बैठक में नवाज़ शरीफ़ ने कहा कि कुछ लोग चोर दरवाज़े से सत्ता हासिल करने का ख़्वाब देख रहे हैं.

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Image caption पानाम लीक्स के बाद मरियम शरीफ़ को लेकर भी कई तरह के आरोप लगे हैं

नवाज़ शरीफ़ का कहना था, ''सत्ता की भीख मांगने वाले और उसके भूखे 2018 के चुनाव की तैयारी करें. हम अपने काम से संतुष्ट हैं और आगे भी जनता हमें ही वोट देगी.''

अख़बार 'दुनिया' ने सूचना प्रसारण मंत्री मरियम औरंगज़ेब के एक बयान को सुर्ख़ी बनाई है.

अख़बार के अनुसार मरियम का कहना था कि नवाज़ शरीफ़ सच्चे और ईमानदार हैं और उनके ख़िलाफ़ सबूत जमा करने के लिए मुख़बिरों और जासूसी एजेंसियों से काम लिया गया.

अख़बार ने मुताबिक़ केंद्रीय मंत्री आबिद शेर अली ने विपक्षी नेता इमरान ख़ान पर सख़्त हमला करते हुए कहा कि अदालत के फ़ैसले के बाद इमरान ख़ान पागल हो जाएंगे लेकिन वो लोग पागलख़ाने में उनके लिए एक कमरा ज़रूर तैयार करवा देंगे.

लेकिन इमरान ख़ान को पूरा विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला नवाज़ शरीफ़ के ख़िलाफ़ होगा.

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अख़बार 'नवा-ए-वक़्त' के मुताबिक़ इमरान ख़ान का कहना था, ''नवाज़ शरीफ़ के पास सत्ता छोड़ने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नहीं इसलिए बेहतर है कि वो ख़ुद ही कुर्सी छोड़ दें.''

इमरान ख़ान ने कहा कि ज़ुल्म की रात ख़त्म होने जा रही है और सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद उम्मीद है कि क़ौम जश्न मनाएगी.

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल ज़रदारी भुट्टो ने कहा है कि पनामा लीक्स मामले में सच्चाई सामने आ गई है,

अख़बार नवा-ए-वक़्त के मुताबिक़ बिलावल भुट्टो ने नवाज़ शरीफ़ को सलाह दी है कि शरीफ़ ख़ानदान देश की संस्थाओं से लड़ाई का रास्ता ना अपनाए.

पीपीपी की शेरी रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी ने हमेशा ही अदालत का सम्मान किया है और नवाज़ शरीफ़ को भी अदालत के सामने सर झुका लेना चाहिए.

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