कश्मीर समस्या न गाली से, न गोली से सुलझेगी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

  • 15 अगस्त 2017
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लाल किले की प्राचीर से चौथी बार तिरंगा फहराते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर हादसे से लेकर कश्मीर समस्या जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी.

भाषण की शुरुआत में ही उन्होंने गोरखपुर के एक अस्पताल में मारे गए बच्चों के लिए अफसोस ज़ाहिर किया.

कश्मीर के मुद्दे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "न गाली से न गोली से, कश्मीर की समस्या सुलझेगी गले लगाने से."

मोदी के भाषण की ख़ास बातें

  • नोटबंदी से कालाधन बाहर आया. नोटबंदी के बाद तीन लाख करोड़ रुपया बैंकिंग सिस्टम में आया है.
  • हम पूर्वी भारत पर ख़ास ध्यान दे रहे हैं. बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वोत्तर. इन क्षेत्रों को और आगे बढ़ना है.
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  • देश की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, देश के खिलाफ होने वाले हर कुचक्र के हौसले पस्त करने में हम सक्षम हैं.
  • आस्था के नाम पर हिंसा भारत में स्वीकार नहीं की जाएगी. देश शांति, एकता और सद्भावना से चलता है. सबको साथ लेकर चलना हमारी सभ्यता एवं संस्कृति है.
  • तब भारत छोड़ो का नारा था, आज भारत जोड़ो का नारा है.
  • तीन तलाक के खिलाफ़ लड़ रही महिलाओं का हिंदुस्तान पूरी तरह से मदद करेगा.
  • न्यू इंडिया लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत. लोकतंत्र सिर्फ़ मत पत्र तक सीमित नहीं. न्यू इंडिया का लोकतंत्र ऐसा होगा जिसमें तंत्र से लोक नहीं, लोक से तंत्र चलेगा.
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  • आतंकवाद के मुद्दे पर नरमी बरतने का सवाल ही पैदा नहीं होता है. जब सर्जिकल स्ट्राइक हुआ तो दुनिया ने हमारा लोहा माना. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम अकेले नहीं हैं. दुनिया के कई देश हमारी मदद कर रहे हैं.
  • काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी. हम टेक्नॉलॉजी के साथ पारदर्शिता लाने की दिशा में काम कर रहे हैं.
  • हमें कश्मीर के मुद्दे पर मिलकर काम करना होगा. कश्मीर के स्वर्ग को हम फिर से महसूस कर सकें, हमें इसके लिए कृत संकल्प हैं.
  • नोटबंदी से हमने कालेधन को नियंत्रित करने में सफलता हासिल की है. क़रीब तीन लाख करोड़ रुपया बैंकिंग सिस्टम में वापस आया.
  • किसान को बीज से बाज़ार तक की सुविधा जब तक नहीं देते, हम उनका भाग्य नहीं बदल सकते. हम सब मिलकर एक ऐसा भारत बनाएंगे, जहां देश का किसान चिंता में नहीं, चैन से सोएगा, आज वो जितना कमा रहा है, उससे दोगुना कमाएगा.
  • शास्त्रों में कहा गया है- अनियत कालाः प्रवृत्तयो विप्लवन्ते. सही समय पर अगर कोई कार्य पूरा नहीं किया, तो फिर मनचाहे नतीजे नहीं मिलते. इसलिए टीम इंडिया के लिए न्यू इंडिया के संकल्प का सही समय यही है.

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