प्रेस रिव्यूः फैसले के बाद पहला 'एक साथ तीन तलाक़' मेरठ में

  • 25 अगस्त 2017
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टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक ख़बर के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा एकसाथ तीन तलाक को अवैध करार दिए जाने के बाद इस तरह से तलाक देने का पहला मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ से सामने आया है. एक महिला ने एकसाथ तुरंत तलाक़ देने के मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

अख़बार के मुताबिक़, आरशी बेगम की शिकायत पर पुलिस ने उनके पति सिराज़ अली के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कर लिया है. दोनों की शादी 2011 में हुई थी.

इंडियन एक्स्प्रेस की एक ख़बर के अनुसार, डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेसलिजेंस के एडिशनल डायरेक्टर जनरल केवीएस सिंह ने उद्योगपति गौतम अडानी के ख़िलाफ़ चल रही सभी जांच को बंद करने का आदेश जारी किया है. कथित रूप से अडानी ग्रुप पर पॉवर और इनफ्रास्ट्रक्चर के मद में आयात किए गए सामानों के बिल बढ़ा चढ़ाकर दिखाने को लेकर डीआरआई ने कंपनी को नोटिस भेजा था.

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द हिंदू की एक ख़बर के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 40 सालों बाद बंदी प्रत्यक्षीकरण या हैबियस कॉर्पस के अपने ही फैसले को पलट दिया है. ये मामला इमरजेंसी के दौरान 1976 का था जब सर्वोच्च अदालत ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के उस तर्क को मान लिया था कि आपातकाल के दौरान नागरिकों के पास जीने और आज़ादी का अधिकार नहीं है.

दिलचस्प ये है कि ये फैसला जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने दिया था और इसे पलटने का आदेश का आदेश लिखा उनके बेटे जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ ने.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक ख़बर के अनुसार, उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा में गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज के छात्र के मारे जाने की ख़बर मिलने के बाद माहौल गर्म हो गया है और लोग सड़कों पर उतर का प्रदर्शन कर रहे हैं. मंगलवार को एक मुठभेड़ में चरमपंथी की मौत हो गई थी. बाद में पता चला कि वो छात्र है जो 21 अगस्त से ही लापता चल रहा था.

हिंदुस्तान टाइम्स की ही एक अन्य ख़बर है जिसमें कहा गया है कि मध्यप्रदेश के भर्ती बोर्ड व्यापम के तहत कांस्टेबल पदों पर हो रहे टेस्ट में एक छात्र को इसलिए टेस्ट नहीं देने दिया गया क्योंकि उसके पास आधार नहीं था.

ये घटना उसी दिन घटी है जिस दिन सुप्रीम कोर्ट ने आधार मामले में ही निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार मानने का फैसला दिया.

हिंदी अख़बार अमर उजाला की एक ख़बर के अनुसार, एससी-एसटी एक्ट के एक मामले में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर कोर्ट के सामने सरेंडर किया. उन्हें जमानत मिल गई है.

ये मामला 2007 का है, उनपर और उनके भाई पर एक दलित लिपिक से हाथापाई और जातिसूचक अपशब्द पर मुकदमा दर्ज किया गया था.

जनसत्ता की एक ख़बर के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बहराइच ज़िले में गुरुवार को भरी पंचायत में एक व्यक्ति ने अपनी बहन के प्रेमी की हंसिए से गला काट कर हत्या कर दी. भाई ने हमला कर बहन को भी घायल कर दिया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया है.

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