गुरमीत राम रहीम सिंह की सज़ा पर क्या बोले बाबा रामदेव?

  • 28 अगस्त 2017
बाबा रामदेव इमेज कॉपीरइट AFP

योगगुरु रामदेव ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सज़ा सुनाए जाने को एक उदाहरण क़रार दिया है.

मीडिया से बात करते हुए रामदेव ने कहा, ''धर्म के नाम पर अधर्म नहीं होना चाहिए. धर्म तो जीवन का श्रेष्ठ आचरण है. ढोंग, आडंबर, पाखंड, हिंसा, क्रूरता, हत्या और बलात्कार को धर्म नहीं कहा जा सकता.''

सज़ा को लेकर बात कहते हुए उन्होंने कहा, ''कोर्ट ने जो सज़ा दी है, 15 साल तक इस पर जांच हुई है. मुझे लगता है कि देर हो सकती है मगर अंधेर नहीं है. न्याय व्यवस्था आज इतनी म़जबूत हो चुकी है कि कोई भी व्यक्ति अपराध करके बच नहीं सकता. कोर्ट ने इसका बहुत बड़ा उदाहरण पेश किया है.''

सोशल: लोग बोले, रेप करना कैसी समाजसेवा

इमेज कॉपीरइट Getty Images

रामदेव ने कहा कि जो भी तथाकथित ताकतवर लोग हैं, वे ज़रूर इससे सीख लेंगे और पाप करने से बचेंगे.

'अपराध के बाद दूसरों को बीच में लाना ग़लत'

डेरा समर्थकों द्वारा किए गए हिंसक प्रदर्शनों पर बात करते हुए रामदेव ने कहा, ''आरोप हमारे ऊपर भी लगे. आरोप लगने से कोई अपराधी नहीं हो जाता लेकिन आप सच्चे हैं तो साबित करो न! और यदि आप अपराधी हैं तो जो सज़ा मिली है, उसे भुगतो. इसमें दूसरे लोगों को बीच में क्यों लाते हो?''

राम रहीम के साथ दिखी लड़की का 'पूरा सच

रामदेव ने कहा, ''मुझसे लोग प्रेम करते हैं तो मेरी पवित्रता से प्रेम करते हैं. मगर जिस दिन मैं गिर जाऊं, फिर दूसरों को उकसाऊं, आग लगाने के लिए प्रेरित करूं और उनका हिंसा में अंत हो जाए... यह तो एक अपराध के बाद दूसरा अपराध है.''

इमेज कॉपीरइट Getty Images

रामदेव ने गुरमीत राम रहीम को लेकर यह भी कहा कि अभी तो आगे मर्डर और नपुंसकता आदि के और केस हैं.

उन्होंने कहा, ''यदि वह निर्दोष हैं तो उन्हें भयभीत नहीं होना चाहिए. मगर वह दोषी हैं, तो जो सज़ा मिले, उसे स्वीकारना चाहिए.''

ब्लॉग: राम रहीम या डंडे वाले पीर में क्या कमी है

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे