उत्तर प्रदेश में रेप पीड़िता पर हुआ एसिड अटैक

  • 13 सितंबर 2017
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उतर प्रदेश के फ़र्रुख़ाबाद शहर में एक बलात्कार पीड़िता पर कुछ लोगों ने तेज़ाब डालकर उसे एक सुनसान सड़क पर फ़ेंक दिया.

28 वर्षीय पीड़िता का इलाज पहले फ़र्रुखाबाद के अस्पताल में चला. फिर उसे कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. उसका शरीर 55 प्रतिशत जल चुका है.

फ़र्रुखाबाद के पुलिस अधीक्षक दयानन्द मिश्रा ने बीबीसी को बताया, "पीड़िता ने अपनी शिकायत में तेज़ाब डालने के लिए उन दो लोगों को आरोपी बनाया है जिन्होंने उसके साथ दुष्कर्म किया था. हम अभियुक्तों को ढूंढ रहे हैं."

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Image caption सांकेतिक तस्वीर

नौकरी की तलाश में आई थी फ़र्रुखाबाद

पुलिस अधीक्षक ने कहा, "ये पहले एक सामूहिक बलात्कार का मामला है जो हमारे सामने इस साल मई के महीने में आया था. चार आरोपी थे. एक फ़रार चल रहा है और तीन को हमने पकड़ लिया था."

पुलिस के अनुसार पीड़िता कानपुर की रहने वाली है, वह कई महीनों से फ़र्रुखाबाद और दूसरे शहरों में नौकरी की तलाश कर रही थी.

फ़र्रुखाबाद में उसकी मुलाकात बीएसएनल के डिविज़नल इंजीनियर अजय प्रताप सिंह और सब डिविज़नल अफ़सर अमर सिंह से हुई.

महिला के वकील अखिलेश शुक्ल ने बताया, "मई में पीड़ित महिला ने थाने में सामूहिक बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई थी, उन्होंने चार लोगों पर आरोप लगाया था. अभियुक्तों में अजय प्रताप सिंह और अमर सिंह के अलावा एक टेलीफोन विभाग का कर्मचारी योगेंद्र सिंह शामिल था. जबकि चौथा अभियुक्त भारतीय सेना का एक फ़ौजी था जिसका नाम बलजीत सिंह है. यह मामला महिला थाने में दर्ज हुआ था."

उन्होंने बताया, "महिला ने पुख्ता सबूत पेश किए थे. उन्होंने फ़ोन पे रिकॉर्ड किए हुए वीडियो क्लिप्स भी दिखाए थे. तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया और उन्हें न्यायायिक हिरासत में भेज दिया गया था. बलजीत सिंह अभी फ़रार चल रहे हैं."

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उच्च न्यायालय जाने का फैसला था

क़रीब महीने भर पहले अमर सिंह और योगेंद्र प्रताप सिंह को अदालत से ज़मानत मिल गई.

अखिलेश शुक्ल ने कहा, "पीड़िता अब उच्च न्यायालय में जाने की सोच रही थी. इसीलिए वह मुझसे मिलने कचहरी आया करती थी. सोमवार, घटना वाले दिन भी, वो मेरे पास आई थी. फिर रात को मुझे सूचना मिली की उसके ऊपर तेज़ाब डाल दिया गया है और वह सड़क पर पाई गई है."

महिला को कुछ राहगीरों ने कचहरी के पास ही एक सुनसान सड़क पर देखा था. वह बुरी तरह से जली हुई थी. उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया था.

महिला को प्राथमिक उपचार देने वाले डॉक्टर नीरज यादव ने बीबीसी को बताया की पीड़िता 55 प्रतिशत तक जल गई है. उसकी हालत नाज़ुक होने के कारण उसे कानपुर के लाला लाजपत राय अस्पताल भेज दिया गया.

पुलिस अधीक्षक दयानन्द मिश्रा ने कहा, "महिला ने तेज़ाब डालने के लिए अमर सिंह और योगेंद्र प्रताप सिंह को आरोपी बनाया है. ये दो आरोपी ही ज़मानत पर छूटे थे. दोनों फ़रार हैं और हम उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं."

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