प्रेस रिव्यू: 'भारत में रोहिंग्या को चरमपंथी बनाने वाला गिरफ्तार'

  • 19 सितंबर 2017
प्रतीकात्मक तस्वीर इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption प्रतीकात्मक तस्वीर

अमर उजाला की ख़बर के मुताबिक अल क़ायदा का एक संदिग्ध ब्रिटिश चरमपंथी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है.

ख़बर के मुताबिक यह शख्स भारत में रहकर म्यांमार की सेना से लड़ने के लिए चरमपंथी तैयार कर रहा था. वह ज्यादातर रोहिंग्या मुसलमानों को तैयार कर रहा था. मूलरूप से यह बांग्लादेश का है और चरमपंथी संगठन अल क़ायदा की तरफ से सीरिया की सेना के ख़िलाफ लड़ चुका है.

केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल हलफनामे में रोहिंग्या मुसलमानों को देश के लिए ख़तरा बताया था. सरकार का कहना है कि रोहिंग्या मुस्लिम भारत में अवैध प्रवासी हैं और इनमें से कुछ के संबंध पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई और कथित इस्लामिक स्टेट से हैं.

नवभारत टाइम्स के मुताबिक़ हरियाणा पुलिस ने सोमवार को 43 मोस्ट वॉन्टेड लोगों की लिस्ट जारी की है. इस लिस्ट में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत का नाम सबसे ऊपर है. दूसरे नंबर पर डेरा के प्रवक्ता आदित्य इंसां का नाम है. दोनों ही फरार चल रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट HONEYPREETINSAN.ME

हिंदुस्तान के मुताबिक दिल्ली में 18 से 25 साल के युवा धड़ल्ले से शराब खरीद रहे हैं जबकि नियम कहता है कि 25 साल से कम उम्र के लोगों को शराब बेची या परोसी नहीं जा सकती. यह बात कम्युनिटी अगेंस्ट ड्रंकन ड्राइविंग के सर्वे से पता चली है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

नवभारत टाइम्स लिखता है कि सेना में जूनियर कमीशंड अफ़सर यानी जेसीओ और अन्य रैंक के लोगों के लिए 33 साल बाद कैडर रिव्यू के फैसले को अंतिम मंजूरी मिल गई है. इससे उनके प्रमोशन के चांस बढ़ेंगे. इस फैसले का सेना के करीब 11 लाख लोगों पर असर पड़ेगा.

द हिंदू ने तमिलनाडु में बागी चल रहे 18 विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने की खबर को प्रमुखता से छापा है. तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष ने एआईएडीएमके के टीटीवी दिनाकरण समर्थक विधायकों को दलबदल कानून के तहत अयोग्य घोषित कर दिया है. इस कदम से पलनीस्वामी सरकार का संकट दूर होता नज़र आ रहा है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे