करोड़ों की संपत्ति छोड़ संन्यास क्यों ले रहे ये दंपति

  • 19 सितंबर 2017
सुमित राठौड़, अनामिका राठौड़ इमेज कॉपीरइट shuriah niazi

मध्य प्रदेश के नीमच में जैन समाज का जोड़ा अपनी तीन साल की बच्ची को छोड़कर संन्यास लेने जा रहा है. इसके साथ ही वो अपने पीछे 100 करोड़ रुपये की संपत्ति भी छोड़ रहे हैं.

35 साल के सुमित राठौड़ और 34 साल की उनकी पत्नी अनामिका 23 सिंतबर को विधिवत रूप से दीक्षा लेने जा रहे हैं. राठौड़ दंपती नीमच के एक बड़े परिवार से ताल्लुक रखते हैं.

राठौड़ परिवार के रिश्तेदार विजय जैन ने बताया, "पूरा परिवार धर्म को मानने वाला है. इन दोनों ने जब निर्णय ले लिया तो फिर उन्होंने किसी की नही सुनी. इन्होंने ब्रहमचर्य व्रत तो दो साल पहले ही ले लिया था और धीरे-धीरे उस मार्ग पर बढ़ते रहे और अब संन्यास ले रहे है."

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Image caption सुमित राठौड़ का परिवार और क़रीबी दोस्त

फैसले पर कायम

परिवार ने इन्हें रोकने की भी कोशिश की लेकिन उन्होंने किसी भी तरह से अपना फैसला बदलने से मना कर दिया.

दोनों पति-पत्नी, सूरत में साधुमार्गी जैन आचार्य रामलाल महाराज के सान्निध्य में दीक्षा लेंगे. दोनों ने दीक्षा लेने तक मौन व्रत धारण कर लिया है. वहीं, परिवार में सुमित के पिता भी इस मामलें में बात नहीं करना चाह रहे हैं.

दोनों पति-पत्नी अपनी 3 साल की बेटी इभ्या को भी छोड़ रहे हैं. रिश्तेदारों का कहना है कि परिवार के लोग ही बच्ची को संभालेंगे. दोनों की शादी लगभग 4 साल पहले हुई थी. अनामिका के पिता अशोक चंडालिया, चित्तौड़गढ़ में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं.

सुमित लंदन से पढ़ाई करके वहीं काम कर रहे थे उसके बाद वो अपने परिवार का काम संभालने के लिए वापस नीमच लौट आए. वहीं, अनामिका भी इंजीनियर हैं और वह हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में काम कर चुकी हैं.

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जैन समाज

सुमीत के चाचा के लड़के संदीप ने बताया, "सुमित दो साल तक लंदन में पढ़ने के बाद नौकरी कर रहे थे. उसके बाद परिवार के बुलावे पर वो वापस नीमच लौटे."

नीमच के जैन समाज से संबंध रखने वाली सपना मोगरा ने बताया, "किसी के लिए भी इस तरह का निर्णय लेना आसान नही है. हर कोई मोहमाया में फंसा हुआ है इन्होंने जो फैसला लिया है वो बहुत बड़ा है और तारीफ के लायक है."

परिवार के पास नीमच में 1.25 लाख वर्गफीट का बड़ा कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स है. नीमच में इनके कई तरह के धंधे हैं, जिनमें सीमेंट बैग की फैक्ट्री के अलावा फाइनेंस और खेती का बड़ा काम है.

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