कोलकाता के बकिंघम पैलेस में लगी दुर्गा प्रतिमा की साड़ी में 22 किलो सोना!

  • 29 सितंबर 2017
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पश्चिम बंगाल की दुर्गापूजा यूं तो अपनी अनूठी थीम के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. लेकिन इस साल राजधानी कोलकाता की एक पूजा समिति ने भव्यता और लागत के मामले में तमाम दुर्गा प्रतिमाओं के पीछे छोड़ दिया है.

बकिंघम पैलेस की तर्ज पर बने संतोष मित्र स्क्वायर के पंडाल में सजी दुर्गा की प्रतिमा को देखते ही आंखें चौंधिया जाती हैं. और आख़िर हो भी क्यों न?

इस प्रतिमा ने जो साड़ी पहन रखी है, उसमें 22 किलो से भी ज़्यादा सोना जड़ा है. यही वज़ह है कि इस पंडाल में मंगलवार को विधिवत पूजा शुरू होने के तीन-चार दिन पहले से ही भारी भीड़ जुट रही है.

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अकेले इस साड़ी पर साढ़े छह करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.

प्रतिमा को जो साड़ी पहनाई गई है उसे जानी-मानी स्थानीय फैशन डिज़ाइनर अग्निमित्रा पाल ने तैयार किया है. 22 किलो सोने से बनी इस साड़ी पर जरी का काम किया गया है.

दुर्गा पूजा के निराले नज़ारे

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बकिंघम पैलेस पंडाल

यही नहीं, इस पंडाल में घुसते ही दर्शकों को अचानक लंदन पहुंचने का आभास होता है. बकिंघम पैलेस के रूप में बने पंडाल के भीतर पहुंचते ही लंदन ब्रिज के अलावा बिग बेन और लंदन आई नज़र आते हैं.

पूजा समिति के अध्यक्ष और तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता प्रदीप घोष बताते हैं, '50 कलाकारों ने लगभग ढाई महीने की मेहनत से सोने की साड़ी तैयार की है. इसमें 22 किलो से भी ज्यादा सोने का इस्तेमाल हुआ है. साड़ी में कई बेशकीमती पत्थर तो लगे ही हैं, मीनाकारी भी की गई है.'

उन्होंने बताया कि आयोजन समिति अपने 85वें साल में कुछ नया करना चाहती थी. थीम पर विचार-विमर्श के दौरान ही सोने की साड़ी का आइडिया आया.

दुर्गा पूजा की धूम

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साड़ी में जड़ा सोना 22 कैरेट का

घोष कहते हैं, 'दुर्गा प्रतिमाओं को सोने की जरी से बनने वाले वस्त्र और आभूषण तो पहले भी पहनाए जाते रहे हैं. लेकिन यह पहला मौका है जब पूरी साड़ी ही 22 कैरेट सोने से बनी है.'

पेशे से सुनार रहे घोष स्वर्ण शिल्प बचाओ समिति के पूर्व अध्यक्ष भी हैं. वह कहते हैं कि इस तरह की साड़ी तैयार करने का एक प्रमुख मकसद बंगाल के कारीगरों की प्रतिभा को दुनिया के सामने लाना था.

घोष कहते हैं कि राज्य में 1.3 लाख कारीगर इस पेशे से प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर जुड़े हैं. इस साड़ी की कलाकारी के जरिए दुनिया भर में मिलने वाली प्रसिद्धि उनके बेहतर भविष्य के दरवाजे खोल सकती है.

महानगर में सोने की एक फर्म ने साड़ी को स्पॉन्सर किया है. कुमारटोली के मशहूर कलाकार मिंटू पाल ने राज्य के कुछ बेहतरीन सुनारों के साथ मिल कर दुर्गा की यह प्रतिमा तैयार की है.

दुर्गा पूजा और बॉलीवुड के रंग

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और भी हैं अनोखे पंडाल

राज्य में इस साल भी थीम-आधारित पंडालों में अजब-गजब नजारे देखने को मिल रहे हैं.

किसी इलाके में पहुंचने पर अमेरिका में होने का भ्रम पैदा हो जाता है तो कहीं लंदन की सड़कों पर चहलकदमी का.

एक आयोजन समिति ने तो बाहुबली-2 में दिखाए गए माहिष्मति साम्राज्य के विशालकाय महल की शक्ल में पंडाल बनाया है.

बीते कुछ वर्षों से बेहतर थीम और साज-सज्जा वाली पूजा समितियों के लिए दर्ज़नों अवार्ड दिए जाते हैं.

इस वजह से आयोजकों में एक-दूसरे को पछाड़ कर आगे निकलने की होड़ साल-दर-साल तेज़ होती जा रही है.

दुर्गा पूजा और दशहरे की उमंग

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