कौन है हिजबुल मुजाहिदीन चीफ़ सैयद सलाहुद्दीन का बेटा?

  • 24 अक्तूबर 2017
हिज़बुल मुजाहिदीन के शीर्ष नेता सैयद सलाहुद्दीन इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption हिज़बुल मुजाहिदीन के शीर्ष नेता सैयद सलाहुद्दीन

चरमपंथी संगठन हिज़बुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के बेटे शाहिद यूसुफ़ को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए ने मंगलवार को टेरर फंडिंग मामले में गिरफ़्तार किया है.

एनआईए ने 42 साल के शाहिद यूसुफ़ को अपने दिल्ली स्थित मुख्यालय पर मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया था.

एनआईए ने यूसुफ़ को साल 2011 से जुड़े टेरर फंडिंग के एक मामले में गिरफ़्तार किया.

युसुफ़ के पांच भाई और दो बहनें हैं. अपने भाई के साथ यूसुफ़ जिला बुड़गाम के सोइबुग गांव में रहते हैं.

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कृषि विभाग में नौकरी

यूसुफ़ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के एक सरकारी स्कूल से की, इसके बाद उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई बडग़ाम के हायर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की.

उत्तर प्रदेश के आगरा से यूसुफ़ ने बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई की है, जिसके बाद आरबीएस कॉलेज आगरा से उन्होंने एमएससी (एग्रीकल्चर इकोनॉमिक्स) की डिग्री हासिल की.

पढ़ाई पूरी करने के बाद यूसुफ़ ने शालीमार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में क़रीब 6 साल तक एक प्रोजेक्ट पर काम किया.

यूसुफ़ इस समय जम्मू-कश्मीर सरकार के कृषि विभाग में विलेज एग्रीकल्चर असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे हैं.

वे साल 2007 में इस विभाग में 'रहबर-ए-जिरात' योजना के तहत भर्ती हुए थे. 2015 में यूसुफ़ इस विभाग में स्थायी कर्मचारी के तौर पर काम करने लगे.

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Image caption भारत प्रशासित कश्मीर की एक फाइल फोटो

यूसुफ़ का परिवार

यूसुफ़ की शादी साल 2005 में श्रीनगर के हैदरपोरा में हुई. उनकी पत्नी घेरलू महिला हैं. उनके दो बच्चे हैं.

यूसुफ़ के पड़ोसियों और दफ़्तर के सहयोगियों ने बताया कि वे बेहद ही सामान्य तरीके से रहते हैं.

यूसुफ़ के पिता सैयद सलाहुद्दीन चरमपंथी संगठन हिज़बुल मुजाहिद्दीन के प्रमुख होने के साथ-साथ जिहाद काउंसिल के चेयरमैन भी हैं.

सैयद सलाहुद्दीन ने साल 1987 में मुस्लिम मुताहिदा महज़ की तरफ से चुनाव लड़ा था लेकिन वे हार गए थे. इसके बाद वे कश्मीर के चरमपंथ में शामिल हो गए.

साल 1994 वे पाकिस्तान पहुंच गए, वे कश्मीर की आज़ादी की मांग कर रहे हैं. अमरीका ने इसी साल जून में उन्हें अंतरराष्ट्रीय आतंकी क़रार दिया है.

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बीते तीन महीनों में एनआईए ने कश्मीर के कई अलगाववादी नेताओं को टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार किया है.

शाहिद यूसुफ़ की गिरफ्तारी भारत सरकार की कश्मीर समस्या पर बातचीत शुरू करने की घोषणा के ठीक एक दिन बाद हुई है.

भारत सरकार ने सोमवार को कश्मीर मसले पर बातचीत के लिए ख़ुफ़िया ब्यूरो के पूर्व निदेशक दिनेश्वर शर्मा को नियुक्त किया है.

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