गुजरात में हार्दिक पटेल और कांग्रेस और पास आए

  • 31 अक्तूबर 2017
हार्दिक पटेल इमेज कॉपीरइट Getty Images

पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल और गुजरात कांग्रेस के अहम नेताओं के बीच अहमदाबाद स्थित गुजरात कांग्रेस मुख्यालय में सोमवार को बैठक हुई.

दोपहर में इस बैठक के बाद हार्दिक पटेल राजकोट गए और वहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के साथ उनकी बातचीत काफ़ी साकारात्मक रही.

पटेल ने जानकारी देते हुए कहा, "कांग्रेसी नेताओं के साथ चार मुद्दों पर बातचीत हुई. अगर गुजरात में कांग्रेस सरकार आई तो पाटीदारों के ख़िलाफ़ चल रहे मामले सरकार वापस ले लेगी."

क्या गुजरात चुनाव को लेकर नर्वस हैं मोदी?

गुजरात में इस बार कमल का खिलना होगा मुश्किल?

"विरोध प्रदर्शन में जिन लोगों की मौत हुई है, उन्हें सरकार 35 लाख रुपये का मुआवजा देगी और पाटीदारों को संविधान सम्मत आरक्षण मिल सके, इसके लिए एक आयोग का गठन किया जाएगा और इसके लिए 2000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया जाएगा."

इमेज कॉपीरइट Getty Images

हार्दिक पटेल ने ये भी बताया कि आरक्षण वाले मुद्दे पर अगले दो-तीन दिन के अंदर एक बैठक और होगी और उसमें इस मामले की तकनीकी पहलूओं पर बात होगी.

हार्दिक पटेल के कांफ्रेस के बाद गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस पर निशाना साधा.

नितिन पटेल ने कहा, "पाटीदार नेताओं और कांग्रेस के बीच जिन मुद्दों पर बात हुई है, उन पर सरकार पहले से ही काम कर रही है. बीजेपी सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़ों को आरक्षण दिया है. विरोध प्रदर्शन में मारे गए 12 लोगों को हमलोगों ने 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिया है."

गुजरात चुनाव में यूपी-बिहार की तरह जाति अहम?

पाटीदार नेताओं ने भाजपा को दिया दोहरा झटका

नितिन पटेल ने ये भी कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान आम लोगों पर हुए अत्याचार की जांच के लिए जांच आयोग बिठाया है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

नितिन पटेल ने ये भी कहा कि कांग्रेस की तीन सरकारों, चिमन भाई पटेल, माधव सिंह सोलंकी और अमर सिंह चौधरी की सरकारों के वक्त भी अलग अलग विरोध प्रदर्शन हुए थे, उस दौरान हुए अत्याचारों की बात कोई नहीं कर रहा है.

हार्दिक पटेल ने कांग्रेसी नेताओं के साथ हुई मुलाकात के बाद ये भी कहा कि पाटीदारों पर हुए दमन की जांच के लिए कांग्रेस सरकार में आने पर जांच आयोग का गठन भी करेगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे