मध्य प्रदेश का प्रस्तावित रेप क़ानून कितना सख़्त?

  • 5 दिसंबर 2017
सांकेतिक तस्वीर इमेज कॉपीरइट iStock

बारह साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ हुए बलात्कार के मामलों में फांसी की सजा तय करने के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा ने हाल ही में 'दंड विधि (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक' पारित किया है.

इस कानून के मुताबिक 12 साल या इससे कम उम्र की लड़कियों के साथ बलात्कार या सामूहिक बलात्कार के मामलों में अपराध सिद्ध होने पर दोषियों को कम से कम 14 साल की क़ैद और अधिकतम फांसी की सजा सुनाई जा सकती है.

क्या फांसी से बच्चों के ख़िलाफ़ रेप का अपराध रुकेगा?

कोपर्डी रेप केस: तीन दोषियों को सज़ा-ए-मौत

सऊदी अरब और उत्तर कोरिया की कतार में

मध्य प्रदेश विधान सभा में संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद इस पर बहस छिड़ गई है. माना जा रहा है कि कुछ अन्य जगहों पर भी ऐसी ही मांगें उठ सकती हैं.

अगर पूरे देश में ये प्रावधान लागू किया गया तो भारत बलात्कार के मामले में मृत्यु दंड देने वाले उत्तर कोरिया, सऊदी अरब, चीन, मिस्र, ईरान और अफ़ग़ानिस्तान जैसे देशों की कतार में शामिल हो जाएगा.

सऊदी अरब में अपराधी का सर काटकर सार्वजानिक तौर पर हत्या की जाती है जबकि अफगानिस्तान में आरोपी का दोष सिद्ध होने के हफ्ते भर के भीतर ही गोली मार दी जाती है.

नार्थ कोरिया में बलात्कार के अपराधियों की सैनिक दस्ते द्वारा गोली मारकर हत्या की जाती है जबकि चीन में उन्हें नपुंसक बनाकर हत्या करने का प्रवधान है.

मिस्र और ईरान में फांसी पर लटका कर सजा-ए-मौत देने का प्रावधान है.

'उसका बलात्कार निर्भया के बाद हुआ'

'रेप के ज़ख़्म ऐसे कि हाथ मिलाते भी डरती हूँ'

इमेज कॉपीरइट Getty Images

मध्य प्रदेश में बलात्कार

फिलहाल राष्ट्रपति के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजे गए इस विधेयक के कानून बनते ही मध्य प्रदेश नाबालिगों के साथ हुए बलात्कार के मामलों में फांसी की सजा घोषित करने वाला पहला भारतीय राज्य बन जाएगा.

यहाँ गौरतलब है कि हाल में जारी किए गए नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के ताज़ा आकड़ों के मुताबिक साल 2016 में बलात्कार के सबसे अधिक मामले मध्य प्रदेश में ही दर्ज किये गए.

इमेज कॉपीरइट PTI
Image caption सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जेएस वर्मा

जस्टिस वर्मा कमेटी

2013 में जस्टिस वर्मा कमेटी के सुझावों के आधार पर पारित 'क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट -2013' के लागू होने के बाद से भारत में बलात्कार की अधिकतम सजा 14 वर्ष की कैद कर दी गई है.

इस संशोधित कानून के आधार पर ही सिर्फ जघन्यतम मामलों में साक्ष्यों और अपराधी के नीयत का संज्ञान लेते हुए अदलात फांसी की सजा भी सुना सकती है.

पर मध्य प्रदेश विधान सभा द्वारा पारित इस नए विधेयक के कानून बनते ही 12 या 12 वर्ष से कम उम्र की लड़की से बलात्कार के मामले में अदालत अपराध सिद्ध होने पर सीधे सजा-ए-मौत सुना सकती है.

गौरतलब है की दुनिया के दो-तिहाई से भी अधिक देशों में मृत्यु दंड का प्रवधान समाप्त हो चुका है. अपने पक्ष और विपक्ष दोनों में समर्थकों और तर्कों की लम्बी फेहरिस्त लिए, मृत्यु दंड भारत में भी एक विवादस्पद विषय है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए