राहुल गांधी की टीम के खिलाड़ी कौन कौन?

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राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष बनना आख़िरकार तय है. उनकी नई टीम में कौन होगा उस पर कयास लगने शुरू हो गए हैं.

कांग्रेस कई खेमों में बंटी है. पुराने कांग्रेसी खुद को ओल्डगार्ड बताते हैं. ख़ुद को युवा बताने वालों की भी कमी नहीं है.

उनकी नई टीम में भारत की चारों दिशाओं, समाज के अलग अलग वर्गों का प्रतिनिधित्व होना होता है.

तो आख़िरकार वो कौन से चेहरे हैं जो राहुल गांधी के करीब रहे हैं और उनकी नई टीम में शामिल हो सकते हैं.

इस बारे में बीबीसी हिंदी ने वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई से बात की.

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Image caption अजय माकन

1. अजय माकनः अजय माकन पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं और राहुल गांधी के नज़दीकी हैं. पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आलोचक होने के बावजूद वो दिल्ली कांग्रेस प्रमुख बने. साल 2014 लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें मीडिया की ज़िम्मेदारी दी गई थी. रशीद किदवई के मुताबिक अजय माकन राहुल गांधी के नए राजनीतिक सचिव की ज़िम्मेदारी ले सकते हैं.

अहमद पटेल ने सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव की ज़िम्मेदारी सालों निभाई है. राजनीतिक सचिव पर संगठन और अध्यक्ष के बीच तालमेल के अलावा पार्टी और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच तालमेल की ज़िम्मेदारी रहती है. अजय माकन के चाचा ललित माकन की अस्सी के दशक में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

2. कनिष्क सिंहः राजनीतिक सचिव के अलावा दूसरा महत्वपूर्ण कोषाध्यक्ष का है. कोषाध्यक्ष पार्टी में रुपये पैसे का हिसाब-किताब करता है. सीताराम केसरी, मोतीलाल वोरा जैसे वरिष्ठ लोग इस पद पर रह चुके हैं.

रशीद किदवई मानते हैं कि कनिष्क सिंह इस पद के प्रमुख दावेदार हैं. वो विश्व बैंक में काम कर चुके हैं और सालों से राहुल गांधी के साथ जुड़े रहे हैं.

रशीद किदवई कहते हैं, "कनिष्क ने बहुत दिन मोतीलाल वोहरा के साथ भी काम किया है. कांग्रेस के बहुत सारे ट्रस्ट हैं. सुनने में आया है कि कनिष्क उनके साथ काम करते ट्रस्ट के काम करने के तरीकों, आदि को समझ रहे हैं."

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Image caption दिव्या स्पंदना

3. दिव्या स्पंदनाः माना जाता है कि जबसे दिव्या स्पंदना या राम्या ने कांग्रेस के सोशल मीडिया का काम संभाला है, राहुल गांधी की छवि में बदलाव हुआ है, कांग्रेस की सोशल पर पकड़ मज़बूत हुई है. वो कर्नाटक से संसद सदस्य रह चुकी हैं और रिपोर्टों के मुताबिक राहुल गांधी ने उन्हें कांग्रेस सोशल मीडिया टीम के प्रमुख के तौर पर चुना. दिव्या साल 2013 से कर्नाटक से संसद सदस्य रह चुकी हैं.

रशीद किदवई कहते हैं, "अगले साल कर्नाटक में चुनाव हैं. बात चल रही है कि क्या दिव्या वहां चुनाव लड़ेगीं या फिर उन्हें राहुल गांधी की टीम में महत्वपूर्ण जगह दी जाएगी?"

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Image caption सुष्मिता देव

4. सुष्मिता देव, शर्मिष्ठा मुखर्जीः सुष्मिता देव वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री संतोष मोहन देव की बेटी हैं. शर्मिष्ठा मुखर्जी पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी हैं. रशीद किदवई के अनुसार इन दोनों को राहुल गांधी की नई टीम में जगह मिल सकती है.

5. मिलिंद देवरा, सचिन पायलट, जितेन प्रसाद, ज्योतिरादित्य सिंधियाः ये चारों युवा नेता सालों से राहुल गांधी के नज़दीकी रहे हैं. रशीद किदवई के मुताबिक संभावना प्रबल हैं कि इन्हें राहुल की नई टीम में जगह मिले.

रशीद किदवई मानते हैं कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की नई वर्किंग कमेटी में अनुभवी नेता अहमद पटेल, गुलाम नबी आज़ाद, कमल नाथ को रखकर संतुष्ट किया जा सकता है.

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पार्टी में सोनिया गांधी का भविष्य

रशीद किदवई का मानना है कि सोनिया गांधी को खुद को पार्टी में पद से अलग रखना चाहिए क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो राहुल गांधी को काम करने में मुश्किल हो सकती है क्योंकि उनका पार्टी पद पर होना दूसरे पावर सेंटर को जन्म देगा.

वो कहते हैं, "अगर सोनिया गांधी रिटायरमेंट को लेकर सीरियस हैं तो उन्हें कांग्रेस के तमाम पद से हट जाना चाहिए. वो कांग्रेस की संसद सदस्य रह सकती हैं या कांग्रेस पार्लियामेंट पार्टी की लीडर रह सकती हैं, लेकिन अगर पार्टी में उन्हें कोई पद दिया गया या फिर ज़िम्मेदारी दी गई तो इससे उन्हें काम करने में दिक्कतें आएंगी.

दिग्विजय ने महासचिव पद से क्यों दिया इस्तीफ़ा?

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Image caption दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह का भविष्य

रशीद किदवई के मुताबिक दिग्विजय सिंह कांग्रेस की राजनीति में हाशिए पर आ चुके हैं.

वो कहते हैं, "दिग्विजय सिंह नर्मदा यात्रा पर हैं. जब वो चार महीने बाद आएंगे तो उनकी तो ख़्वाहिश होगी कि मध्य प्रदेश में जहां चुनाव अगले साल चुनाव होने हैं, वहां वो सक्रिय भूमिका निभा सकें. अगर वो कांग्रेस वर्किंग कमेटी में भी शामिल हो गए तो उनके लिए उपलब्धि होगी. नहीं तो वो सियासी तौर पर हाशिए पर रहेंगे."

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सचिन राव, कौशल विद्यार्थी, अलंकार सवाई, मोहन गोपाल

सचिन राव यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई देखते रहे हैं, तो कौशल विद्यार्थी ऑक्सफ़ोर्ड में पढ़ चुके हैं.

रशीद किदवई मानते हैं कि सचिन राव, अलंकार, कैलाश जैसे लोग राहुल गांधी के स्टाफ़ में उनका महत्वपूर्ण स्थान है और हो सकता है कि कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यालय बने और उस कार्यालय में इन लोगों को महत्वपूर्ण भूमिकाएं दी जाएं.

किदवई के मुताबिक इस बात के आसार कम है कि इन्हें कांग्रेस वर्किंग कमेटी में जगह मिले, हालांकि उनका मानना है कि पार्टी के शेड्यूल्ड कास्ट सेल से जुड़े के राजू की भूमिका बढ़ सकती है.

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