एनजीटी के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे श्री श्री रविशंकर

  • 8 दिसंबर 2017
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आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की संस्था 'आर्ट ऑफ़ लिविंग' नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाएगी.

एनजीटी ने 'आर्ट ऑफ़ लिविंग' को अपने एक कार्यक्रम के दौरान यमुना के तट को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था. हालांकि एनजीटी ने 'आर्ट ऑफ़ लिविंग' पर पांच करोड़ रुपये के अलावा अतिरिक्त जुर्माना नहीं लगाया है.

एनजीटी ने डीडीए से कहा कि 'आर्ट ऑफ़ लिविंग' की ओर जमा कराए गए पांच करोड़ रुपयों को डूब क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए खर्च किया जाए.

श्री श्री की संस्था ने एक बयान जारी कर कहा, ''हम मानते हैं कि आर्ट ऑफ़ लिविंग ने कोई नुकसान नहीं किया. फ़ैसला ग़लत है और हम इसे नहीं मानते. हमारी दी हुई जानकारी पर ग़ौर नहीं किया गया. ध्यान देने वाली बात ये है कि एक जज फ़ैसला आने से ठीक पहले बेंच से हट गए. हम सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे.''

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Image caption सांकेतिक तस्वीर

कब हुआ था कार्यक्रम?

आर्ट ऑफ़ लिविंग ने मार्च 2016 में दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया था. यमुना के तट पर हुए इस समारोह पर आपत्ति जताते हुए एक व्यक्ति ने एनजीटी में शिकायत की.

एनजीटी ने जानकारों के एक पैनल से मामले की जांच कराई, जिसने एनजीटी को बताया कि कार्यक्रम के दौरान यमुना के तट को इतना भारी नुकसान पहुंचा है कि उसकी भरपाई नहीं हो सकती.

इसके लिए एनजीटी ने आर्ट ऑफ़ लिविंग पर पांच करोड़ का जुर्माना लगाया था. हालांकि ट्राइब्यूनल का कहना है कि पैनल ने उन्हें बताया है कि यमुना की मरम्मत में इससे कहीं ज़्यादा का खर्च आएगा.

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