'जान तो बचाई लेकिन इज्जत नहीं बचा पाई'

  • 8 दिसंबर 2017
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'दिल्ली के नरेला में अवैध शराब पकड़वाने के आरोप में एक महिला को कुछ औरतों ने दिन दहाड़े बीच सड़क पर घसीट कर पीटा और कपड़े फाड़ दिए. इस काम में इलाके के पुरुषों ने भी औरतों का पूरा साथ दिया और पूरी घटना का वीडियो भी बनाया.'

ये दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का आरोप है. इस मामले के बाद पीड़ित महिला का एक वीडियो स्वाति मालीवाल ने ट्वीट किया, जिसमें वो रोते हुए पूरा मामला बता रही है.

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दिल्ली महिला आयोग का पक्ष

57 सेकेंड के वीडियो में पीड़ित महिला कहती हैं, ''मैं उस वक्त अपनी दोस्त के साथ पुलिस के पास ही जा रही थी. लेकिन रास्ते में लोगों ने रोक लिया. लोगों ने रॉड और डंडों से पिटाई की और कपड़े फाड़े. मैंने अपनी जान बचाने की कोशिश की. वहां से भागी लेकिन अपनी इज्ज़त नहीं बचा पाई."

पीड़ित महिला फिलहाल दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती हैं. उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. वो शादीशुदा हैं और अपने पति के साथ दिल्ली के नरेला इलाके में रहती हैं. वो सालों से नशा मुक्ति के लिए काम कर रही हैं और इलाके में सक्रिया नशा मुक्ति संघ के साथ जुड़ी हुई हैं.

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क्या है पूरा मामला

इस मामले पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने बीबीसी को बताया, "छह दिसंबर की रात को शिकायत मिलने पर मैं अपनी टीम के साथ नरेला में ड्रग्स और अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी पर निकली थी. उस दौरान एक घर से हमने 350 लीटर अवैध शराब ज़ब्त की थी. इस दौरान पीड़िता और कुछ दूसरे वॉलेंटियर भी हमारे साथ थे. पूरे वाकये के बाद मैंने वहां के एडिशनल एसएचओ से पीड़िता और दूसरी महिलाओं को सुरक्षा मुहैया कराने की सिफारिश की थी."

स्वाति मालीवाल के कहना है कि दिल्ली पुलिस ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया और इसलिए ऐसा हुआ.

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दिल्ली पुलिस का पक्ष

हालांकि पूरे मामले में दिल्ली पुलिस का अपना पक्ष है. दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी ट्रैफिक और प्रवक्ता दीपेन्द्र पाठक का कहना है, "पीड़िता के बयान में आधी सच्चाई है. पीड़िता के साथ मारपीट ज़रूर हुई है और उस दौरान उसके कपड़े अस्त-व्यस्त हुए. लेकिन पीड़िता को नंगा करके नहीं घूमाया गया है. ये बात झूठ है."

दीपेन्द्र पाठक ने बीबीसी को बताया, "पीड़िता और उसके दो साथी दिल्ली पुलिस के ही नशा मुक्ति पंचायत की कार्यकर्ता है. पूरे मामले का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी. जिन लोगों ने पीड़िता के साथ मारपीट की उनमें से 6 महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है."

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पीड़ित महिला से मिलने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे. जिसके बाद उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल से भी मिलने का वक्त मांगा है.

पूरे मामले की चश्मदीद दूसरी लड़की ने नाम न लिखने की शर्त पर बीबीसी को बताया, "उस वक्त वो उस वॉलेंटियर के साथ थीं. लेकिन इतने में उनका फोन आया और उस पर बात करने थोड़ी दूर निकल गईं. बस इसलिए बच गईं. लेकिन अब उन्हें भी फोन पर मारने की धमकियां मिल रही हैं."

अब इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने रोहिणी इलाके के डिप्टी पुलिस कमिश्नर को नोटिस भेजा है.

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