जीशा का रेपिस्ट और हत्यारा दोषी करार

  • 12 दिसंबर 2017
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Image caption सांकेतिक तस्वीर

केरल में हुए जीशा बलात्कार और हत्याकांड के अभियुक्त अमीरुल इस्लाम को एर्नाकुलम के एक सेशन्स कोर्ट ने दोषी करार दिया है.

अमीरुल पर अप्रैल 2016 में पेरुमबवूर में रहने वाली दलित युवती जीशा के बलात्कार और हत्या का मामला चल रहा था.

इस मामले में 6 दिसंबर को सुनवाई पूरी हुई और मंगलवार को अमीरुल को दोषी ठहराया गया. सज़ा 13 दिसंबर को सुनाई जा सकती है.

जीशा की मां ने दोषी के लिए मौत की सज़ा की मांग की है.

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क्या था मामला?

करीब डेढ़ साल पहले हुए जीशा हत्याकांड ने देश को 2012 के निर्भया कांड की याद दिला दी थी.

30 साल की जीशा के साथ न सिर्फ़ बलात्कार किया गया बल्कि उसके गुप्तांगों समेत शरीर के कई हिस्सों पर चाकू से वार किए गए थे.

इसके बाद पूरे राज्य में जीशा को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग उठने लगी थी. लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किए और यह मामला मीडिया में छाया रहा.

28 अप्रैल को हुई इस घटना के तुरंत बाद मई 2016 में केरल में चुनाव होने थे जिसकी वजह से इस मामले में राजनीति गरमा गई और राज्य सरकार पर महिलाओं को सुरक्षा देने में असफल रहने के आरोप लगाए गए.

डेढ़ महीने बाद 16 जून को पुलिस को बड़ी क़ामयाबी मिली जब उन्होंने मामले के अकेले अभियुक्त अमीरुल को गिरफ़्तार कर लिया.

अदालत में इस मामले की सुनवाई 85 दिन तक चली. अभियोजन पक्ष ने तक़रीबन 100 गवाह और 36 ठोस सबूत पेश किए.

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कौन थी जीशा?

जीशा के बलात्कार और क़त्ल का मामला साल 2016 का है. एर्नाकुलम के सरकारी कॉलेज से क़ानून की पढ़ाई कर रही जीशा वहां के कुरुप्पमपदी इलाक़े में अपनी मां के साथ रहती थीं.

सात साल की उम्र में उनके पिता घर छोड़कर चले गए थे. जीशा और उसकी मां किसी तरह काम करके जीवन बिता रहे थे. दोनों मां-बेटी एक कमरे के मकान में रहती थीं.

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जीशा को बहुत अच्छा भरतनाट्यम आता था जिसे वह बच्चों को सिखाती थीं. इसके लिए वह मोहल्ले में काफ़ी मशहूर थीं.

28 अप्रैल की रात, तक़रीबन साढ़े आठ बजे जीशा की मां घर लौटीं तो उन्हें अपनी बेटी का क्षत-विक्षत शव मिला. गुप्तांग समेत उनके पूरे शरीर पर चाकू के गहरे घाव थे.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साबित भी हुआ कि उनके शरीर पर चाकू के 30 निशान थे और सीने पर दो धार वाले हथियार के घाव मिले. जीशा की आंतों को किसी तेज़ हथियार से बाहर निकाल दिया गया था.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जीशा की मौत सिर पर चोट लगने की वजह से हुई.

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कौन हैं अमीरुल इस्लाम?

30 साल के अमीरुल इस्लाम असम के रहने वाले हैं और एक प्रवासी मज़दूर थे.

हत्या के बाद अमीरुल को तलाशने के लिए असम और पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर खोज अभियान चलाया गया. आख़िरकार अमीरुल तमिलनाडु सीमा के पास पकड़े गए थे.

पुलिस के मुताबिक़ अमीरुल ने जीशा के साथ बलात्कार और उनके शरीर के साथ की गई दरिंदगी का अपराध स्वीकार कर लिया था.

17 सितंबर 2016 को पुलिस ने 1500 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी. अमीरुल पर बलात्कार और क़त्ल समेत एससी/एसटी (अत्याचारों की रोकथाम) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया था.

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